मध्य प्रदेश: भोपाल में डराने लगा है डेंगू, बढ़ती मरीजों की संख्या से प्रशासन हुआ सतर्क

मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में इस साल अब तक डेंगू के 107 मामले हो गये हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, इस साल मच्छर जनित इस बीमारी के कारण भोपाल जिले में किसी की मौत की सूचना नहीं है।

देश में कोरोना वायरस के कहर के बीच अब डेंगू ने अपना खौफ बढ़ाना दिखाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में पिछले 24 घंटे में डेंगू के छह नये मरीज पाए गए हैं। इसी के साथ, भोपाल जिले में इस साल अब तक डेंगू के 107 मामले हो गये हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, इस साल मच्छर जनित इस बीमारी के कारण भोपाल जिले में किसी की मौत की सूचना नहीं है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अखिलेश दुबे ने बताया, ‘‘भोपाल जिले में इस साल एक जनवरी से अब तक डेंगू के 107 मामले आये हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले भोपाल शहर में सामने आए।’’ उन्होंने कहा, शहर के 85 वार्डों में से 10 वार्डों में डेंगू के 85 फीसदी मामले हैं। ये स्थान हैं टीला जमालपुरा, हलालपुरा, पीरगेट, बुधवारा, कमला नगर, साकेत नगर, एम्स हॉस्टल, कटारा हिल्स, बरखेड़ा पठानी और हर्षवर्धन नगर। इन इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।’’
दुबे ने बताया कि जिन क्षेत्रों में ऐसे मामलों की अधिक संख्या सामने आई, उनकी जांच के लिए 39 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें से प्रत्येक में दो से तीन चिकित्सक शामिल हैं। उधर, दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश में इस समय एक नए वायरस ने दस्तक दी है और यह बीमारी लोगों के जहन में अपना खौफ इस कदर पैदा कर रही है कि अब प्रदेश की योगी सरकार को प्रशासन को सख्त निर्देश देने पड़े है। जनपद में वायरल बुखार व डेंगू के प्रकोप के मद्देनजर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हालात को काबू में करने के लिए जुटे हुए हैं, इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार के दल भी क्षेत्रों में लगातार दौरा कर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे हैं।
जिले में शुक्रवार तक वायरल बुखार व डेंगू से 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार शनिवार को फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां उन्होंने वार्डों मे जाकर मरीजों का हाल जाना। इसके बाद वह सैलई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए तथा प्रभावित क्षेत्र अब्बास नगर में असलम नामक व्यक्ति के घर गए जहां बुखार से पीड़ित उनकी आठ वर्षीय पुत्री हाशमी और 11 वर्षीय जीनत को मौके पर ही एम्बुलेंस बुलाकर मेडिकल कॉलेज भेजा।
शासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी सुधीर कुमार बोबडे ने भी शनिवार को मेडिकल कॉलेज और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल कूलरों से जाली व पानी की निकासी को कहा है। उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में भी इस आदेश को तत्काल लागू करने के निर्देश देते हुए गमलों, प्लास्टिक के बर्तनों में पानी भरकर न रखने के निर्देश दिए।

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