महाराष्ट्र : नई सरकार बनते ही मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट को वापस आरे कॉलोनी में किया गया शिफ्ट

एमवीए सरकार के फैसले को पलटते हुए उप मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य के महाधिवक्ता और प्रशासन को मेट्रो-3 लाइन के कार शेड को कांजुरमार्ग के बजाय आरे कॉलोनी में बनाने का प्रस्ताव जमा करने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र में बीते दिनों चले लंबे सियासी घमासान के बाद शिवसेना (Shiv Sena) के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी (BJP) नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्य में नई सरकार बनते ही मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट को वापस आरे कॉलोनी में शिफ्ट कर दिया गया।
गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उद्धव ठाकरे नीत एमवीए सरकार के फैसले को पलटते हुए उप मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य के महाधिवक्ता और प्रशासन को मेट्रो-3 लाइन के कार शेड को कांजुरमार्ग के बजाय आरे कॉलोनी में बनाने का प्रस्ताव जमा करने का निर्देश दिया।

मेरा मुख्यमंत्री बनना फडणवीस का ‘मास्टरस्ट्रोक’ : एकनाथ शिंदे

बता दें कि उद्धव ठाकरे ने नवंबर 2019 में मुख्यमंत्री बनते ही आरे कॉलोनी में मेट्रोलाइन-3 का कार शेड बनाने के प्रस्ताव पर रोक लगाने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि पेड़ों से घिरे आरे इलाके में कार शेड बनाने के प्रस्ताव को पर्यावरण समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा था, क्योंकि इसके लिए सैकड़ों पेड़ों को काटना पड़ा। उद्धव ठाकरे नीत सरकार ने बाद में कार शेड को कांजुरमार्ग स्थानांतरित कर दिया, लेकिन यह कानूनी दांव पेंच में फंस गया।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिरने के 24 घंटे के भीतर गुरुवार को शिंदे ने महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली, जबकि देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान फडणवीस ने राज्य प्रशासन को जलयुक्त शिवर योजना को भी दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया, जिसे एमवीए सरकार ने कथित भ्रष्टाचार की वजह से बंद कर दिया था। जल संचय की यह योजना फडणवीस नीत पूर्ववर्ती सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी।
फडणवीस ने महाधिवक्ता को आरे कॉलोनी में कार शेड (ट्रेनों को खड़ी करने और साफ-साफाई व मरम्मत स्थान) बनाने के मामले में सरकार का पक्ष रखने को कहा। शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला मौजूदा समय में अदालत के समक्ष विचाराधीन है और अगली सुनवाई 15 दिनों के बाद होगी।

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