maharashtra: PFI का खेल खत्म! सीएम शिंदे बोले- महाराष्ट्र में आतंकी घटना को अंजाम देने की चल रही थी साजिश

फडणवीस(Devendra Fadnavis) ने कहा, “सरकार और जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं कि पीएफआई हिंसा के बीज बो रहा था। अफवाह फैलाना, धन जुटाना और हिंसा भड़काना उनका लक्ष्य था।”

श में कई राज्यों में पीएफआई(PFI के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही, सीबीआई लगातार 3-4 दिनों से इस आतंकी संगठन के बड़े ठेकेदारों को गिरफ्तार कर रही हैं। इसी को लेकर महाराष्ट्र(Maharashtra) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) ने औपचारिक तौर से यह स्पष्ट किया कि कैंद्र सरकार टैरर फंडिग, पाकिस्तान से जुडे इस संगठन जो कि पीएफआई(PFI) के नाम से जाना चाहता है इसे भारत सरकार जड़ से उखाड़ कर फैंक देना चाहती हैं, हालांकि, इस फैसले का एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) ने बड़ी ही औपचारिकता से स्वागत किया, और कहा कि पीएफआई(PFI) का यह आंतकी संगठन राज्य में कुछ बड़ी साजिश रचने की योजना बना रहा था क्योंकि आगामी समय में भारत में त्यौहारों का उत्सव आने वाला है और ऐसे में यह आंतकी संगठन अपना एंजेडा पूरा कर सकते हैं। 
PFI को लेकर बोले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 
Maharashtra New CM Eknath Shinde Latest Interview Slams Uddhav Thackeray |  Exclusive: महाराष्ट्र का CM बनाए जाने की क्या एकनाथ शिंदे को थी भनक? किया  बड़ा खुलासा, उद्धव को भी दिया ...
एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) ने कहा कि केंद्र पीएफआई(PFI)  पर बैन लगाकार राज्यों में आगामी आंतकी घटना को नाकाम कर दिया हैं, और संवाददाताओं को बताया कि संगठन के सदस्यों ने पुणे में भी शांतिभंग करने की कोशिश की लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने पीएफआई(PFI) और उसके कुछ सहयोगी संगठनों को पांच साल के लिये प्रतिबंधित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहAmit Shah को धन्यवाद दिया।
 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) ने कहा कि “पीएफआई(PFI) और उसके सहयोगी संगठन गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए। संगठन हाल में आतंकी वित्त पोषण, हत्याओं, संविधान का अपमान करने, सामाजिक सद्भाव और देश की एकता को भंग करने में सक्रिय हुआ। यह भी सामने आया है कि संगठन महाराष्ट्र में भी कुछ गंभीर साजिश रच रहा था।”
मिली जानकारी के मुताबिक, “असमाजिक तत्वों की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने और समाज को विभाजित करने की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।”
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस(Devendra Fadnavis) ने आज कहा कि यह साबित करने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं कि केंद्र द्वारा पांच साल के लिये प्रतिबंधित पीएफआईPFI) समाज में हिंसा के बीज बो रहा था।
केरल पहला राज्य जिसने बैन लगाने की मांग की – सीएम देवेंद्र फडण्वीस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फडणवीस के पास गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस संगठन का उद्देश अफवाह फैलाना और हिंसा भड़काना था।
फडणवीस(Devendra Fadnavis)  ने स्पष्ट किया कि सरकार और जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं कि पीएफआई हिंसा के बीज बो रहा था। अफवाह फैलाना धन जुटाना और हिंसा भड़काना उनका लक्ष्य था। उन्होंने कहा पूर्वोत्तर के एक राज्य में एक मस्जिद को गिराए जाने का एक नकली वीडियो हिंसा भड़काने के इरादे से प्रसारित किया गया था। अमरावती में ऐसी घटना हम पहले भी देख चुके हैं। बाद में पता चला कि वीडियो बांग्लादेश का है। फडणवीस ने कहा कि केरल पहला राज्य है जिसने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसी तरह की मांग बाद में देश के अन्य राज्यों द्वारा भी की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × 5 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।