आजादी का अमृत महोत्सव : राष्ट्र धर्म सबसे बड़ा धर्म, मेरे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है – रामदेव

योग गुरु रामदेव ने कहा कि पतंजलि के सेवाकार्यों में राष्ट्रसेवा निहित है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है तथा राष्ट्र धर्म सबसे बड़ा धर्म है।

हरिद्वार, संजय चौहान (पंजाब केसरी)ः योग गुरु रामदेव ने कहा कि पतंजलि के सेवाकार्यों में राष्ट्रसेवा निहित है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है तथा राष्ट्र धर्म सबसे बड़ा धर्म है। हमारे प्रत्येक अच्छे या बुरे आचरण से हमारा पूरा राष्ट्र प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय यह संकल्प ले कि जब तक मेरी नाड़ियों में रक्त की एक बूंद भी शेष है और देह में प्राण प्रवाहमान हैं, मैं देश की सेवा करता करुंगा। यह बात उन्होंने तिरंगा झंडा वितरण कार्यक्रम में कही।
‘आजादी का अमृत महोत्सव में 13 अगस्त से 15 अगस्त तक संचालित ‘हर घर तिरंगा अभियान में पतंजलि भी बढ़-चढ़ कर सहभागिता दर्ज करा रहा है। पतंजलि द्वारा सेना की मदद से देश के सीमावर्ती भागों तक लाखों की संख्या में तिरंगा पहुंचाने का कार्य किया गया। बुधवार को लाखों की संख्या में तिरंगा वितरण का कार्यक्रम किया गया। जिसमें हरिद्वार से भारत तिब्बत सुरक्षा बल (आईटीबीपी) के डीआईजी मनोज कुमार सिंह, सीडीओ हरिद्वार प्रतीक जैन तथा दिल्ली में सशस्त्र सीमा बल (एसएससी) के कमाण्डेंट दलबीर सिंह डडवाल के माध्यम से इस अभियान को हर घर पहुंचाने में पतंजलि ने सहभागिता की।
इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि राष्ट्र मेरा सर्वस्व है। मेरा तन-मन-धन व जीवन राष्ट्रहित में समर्पित रहेगा। राष्ट्रवाद के सिद्धान्त, अध्यात्मवाद व आदर्शवाद की मर्यादाएं मेरे वैयक्तिक राष्ट्रीय जीवन के आदर्श हैं। कार्यक्रम में डॉ. यशदेव शास्त्री, पतंजलि क्रय समिति की अध्यक्षा अंशुल, संप्रेषण विभाग प्रमुख पारूल, पतंजलि आयुर्वेद लि. के सलाहकार पंकज शाह, पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारीगण और पतंजलि के कर्मयोगी मौजूद रहे।

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