राहुल गांधी का रायपुर यात्रा में छिपा सियासी संदेश, बघेल के अलावा किसी भी नेता को नहीं दी खास अहमियत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी का लगभग चार घंटे का रायपुर प्रवास बड़ा सियासी संदेश दे गया है, क्योंकि राहुल गांधी ने इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा किसी भी नेता को खास अहमियत नहीं दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी का लगभग चार घंटे का रायपुर प्रवास बड़ा सियासी संदेश दे गया है, क्योंकि राहुल गांधी ने इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा किसी भी नेता को खास अहमियत नहीं दी। इतना ही नहीं बघेल के सामने समय-समय पर चुनौती बनकर पेश आने वाले स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव से भी दूरी बनाए रखी।
2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस सत्ता में 
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की राजनीति में गाहे-बगाहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव के तौर पर दो गुट होने की चर्चाएं सामने आती रही है। कहा तो यहां तक जाता है कि वर्ष 2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में आने पर भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री के तौर पर ढाई-ढाई साल का मौका दिए जाने पर सहमति बनी थी, मगर यह बात खुले तौर पर किसी ने नहीं स्वीकार की।
सिंहदेव और राहुल गांधी के बीच क्या बातचीत ?
राहुल गांधी का अरसे बाद छत्तीसगढ़ का दौरा हुआ तो तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि शायद राहुल गांधी की सिंहदेव से अलग से मुलाकात भी हो , मगर ऐसा नहीं हुआ। हां इतना जरूर हुआ कि सिंहदेव ने मंच पर ही राहुल गांधी से कुछ मिनट बातचीत की। यह बातचीत तब हुई जब मुख्यमंत्री भाषण दे रहे थे। सिंहदेव और राहुल गांधी के बीच क्या बातचीत है, यह उन दोनों के अलावा कोई और नहीं जानता।
मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य नेता को महत्व नहीं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी पार्टी को गुटबाजी से दूर रखने की कोशिश में लगे है, यही कारण है कि वे जिन राज्यों में पार्टी की सरकारें है वहां मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य नेता को महत्व नहीं दे रहे है, क्योंकि अगर राज्य में टकराव वाले दो नेताओं को बराबर की अहमियत दी जाती है तो पार्टी के लिए फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है। यही कारण है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में बघेल के अलावा किसी नेता को महत्व नहीं दिया। इस प्रवास के दौरान अगर सिंहदेव केा महत्व दिया जाता तो गुटबाजी केा हवा मिलती, लिहाजा राहुल गांधी ने बघेल के अलावा किसी नेता को महत्व नहीं दिया।
किसान और मजदूरों के लिए किए जा रहे कामों पर भी संतोष 
राहुल गांधी के इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनके साथ छाया की तरह नजर आए। राहुल गांधी ने अपने भाषण में भी छत्तीसगढ़ सरकार और भूपेश बघेल की कार्यशैली की जमकर तारीफ की और छत्तीसगढ़ में आ रहे बदलाव का श्रेय भी भूपेश बघेल सरकार को दिया। गरीब, किसान और मजदूरों के लिए किए जा रहे कामों पर भी संतोष जताया।
कुल मिलाकर देखा जाए तो राहुल गांधी का यह दौरा एक संदेश तो साफ तौर पर दे गया है कि कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के सर्वमान्य नेता भूपेश बघेल है। राहुल गांधी को बदलते छत्तीसगढ़ को दर्शाने वाली प्रदर्शनी ने भी खूब लुभाया। यही कारण रहा कि उन्होंने यहा के कॉफी स्टाल पर छत्तीसगढ़ की काफी का भी स्वाद चखा, तो वहीं पकवान भी खाए और एक जैकेट भी पहनी।

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