झारखंड में खत्म हुआ Red Terror, एक साल में 416 नक्सली गिरफ्तार, 11 मारे गए और 14 ने किया सरेंडर - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

झारखंड में खत्म हुआ Red Terror, एक साल में 416 नक्सली गिरफ्तार, 11 मारे गए और 14 ने किया सरेंडर

झारखंड में लाल आतंक यानी नक्सलियों की धमक कम हो रही है। राज्य में माओवादी नक्सलियों के सबसे बड़े और दुर्गम गढ़ बूढ़ा पहाड़ पर अब सुरक्षा बलों और पुलिस का कब्जा है।

झारखंड में लाल आतंक यानी नक्सलियों की धमक कम हो रही है। राज्य में माओवादी नक्सलियों के सबसे बड़े और दुर्गम गढ़ बूढ़ा पहाड़ पर अब सुरक्षा बलों और पुलिस का कब्जा है। 22 साल में यह पहली बार है, जब यहां नक्सलियों के कैंप पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। राज्य के पारसनाथ पहाड़, कोल्हान प्रमंडल के कुचाई ट्राइजंक्शन और कई जंगलवर्ती इलाकों में भी नक्सलियों के पांव उखड़ रहे हैं। राज्य पुलिस के आंकड़े भी इसकी तस्दीक करते हैं।
व्यवसायियों से रंगदारी के तौर पर वसूली गई राशि
झारखंड पुलिस के आईजी अभियान ए.वी. होमकर के मुताबिक वर्ष 2022 में राज्य में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ों के दौरान 11 नक्सली मारे गए हैं। इस साल लगभग दो दर्जन मुठभेड़ हुए, जिसमें पुलिस भारी पड़ी। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 416 माओवादियों को अरेस्ट किया गया है। इस दौरान 183 हथियार, 16260 एम्युनेशन, 984 आईईडी एवं 625.66 किलो विस्फोटक रुपए बरामद किए गए। इसके अलाव नक्सलियों के पास से 99.41 रुपए भी बरामद किए गए। यह नक्सलियों द्वारा ठेकेदारों, व्यवसायियों से रंगदारी के तौर पर वसूली गई राशि है।
14 नक्सलियों ने राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार डाले हैं। इनमें से ज्यादातर पर झारखंड सरकार ने इनाम घोषित कर रखा था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक माओवादियों के शीर्ष संगठन स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य, रीजनल कमेटी का एक मेम्बर, दो जोनल कमांडर, एक सब जोनल कमांडर, सात एरिया कमांडर हैं।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान की सराहना 
बताया गया कि साल 2022 में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ तीन ऑपरेशन चलाये। इनके नाम ऑपरेशन डबलबुल, ऑपरेशन ऑक्टोपस और ऑपरेशन थंडरस्ट्रॉम थे। इन ऑपरेशंस में पुलिस को रणनीतिक सफलताएं हासिल हुईं। नक्सलियों से मुक्त कराए गए क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के 22 नए कैंप स्थापित किए गए हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अभियान की सराहना की है।
बता दें कि राज्य के 24 में 16 जिलों में नक्सलियों का प्रभाव है। इनमें गुमला, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रांची, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, चतरा, धनबाद, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, हजारीबाग, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिले शामिल हैं। अब कई जिले नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 − 10 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।