केरल विधानसभा में हंगामा, दो नाबालिग बहनों के यौन उत्पीड़न और हत्या की करी CBI जांच की मांग

उल्लेखनीय है कि 25 अक्टूबर को एक पोक्सो अदालत ने पलक्कड जिले की इस घटना के तीन आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया था।

तिरूवनंतपुरम : केरल विधानसभा के 16वें सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने दो नाबालिग बहनों के यौन उत्पीड़न एवं हत्या के 2017 के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर हंगामा किया और मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर सदन से वाकआउट किया। 
कांग्रेस सदस्यों ने इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग करते हुए कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया था। लेकिन विधानसभाध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन ने इसे स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस नीत यूडीएफ के सदस्य सीबीआई जांच की मांग करते हुए आसन के समीप आ गए थे। इसके बाद विधानसभाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। 
उल्लेखनीय है कि 25 अक्टूबर को एक पोक्सो अदालत ने पलक्कड जिले की इस घटना के तीन आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया था। 
मुख्यमंत्री पी विजयन ने कांग्रेस विधायक शफी परमबिल द्वारा पेश प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करेगी। विजयन ने कहा कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं है और हम हमेशा पीड़ितों के साथ हैं। सरकार उन बच्चों को न्याय मुहैया कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई करेगी और विचार करेगी कि इस मामले की फिर से जांच कराने या सीबीआई जांच करायी जानी चाहिए। 
उन्होंने सदन को सूचित किया कि इस मामले को देख रहे सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और आसन के समीप आ गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। 
बाद में विपक्षी नेताओं ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि सरकार आरोपियों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के वकील को जिला बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 

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