शिअद प्रमुख की केंद्र से मांग, टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले की समीक्षा करे सरकार

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को केंद्र से टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले की समीक्षा करने और गैर बासमती चावल के निर्यात पर लागू शुल्क को वापस लेने की मांग की।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को केंद्र से टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाने के फैसले की समीक्षा करने और गैर बासमती चावल के निर्यात पर लागू शुल्क को वापस लेने की मांग की।उन्होंने तर्क दिया कि सरकार के इस कदम से किसान वैश्विक बाजार में खाद्यान्न की उच्च कीमतों का लाभ लेने से वंचित हो जाएंगे।
इसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए – बादल
चंडीगढ़ में जारी एक बयान में बादल ने कहा कि टूट चावल के निर्यात पर रोक और गैर बासमती चावल पर 20 प्रतिशत का शुल्क लगाने का फैसला ‘‘किसान विरोधी’’ है और इसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।गौरतलब है कि सरकार ने घरेलू बाजार में चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में गैर बासमती चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया है और टूटे चावल का निर्यात प्रतिबंधित कर दिया है।बादल ने आरोप लगाया कि इससे पहले केंद्र सरकार ने मई में गेंहू के निर्यात पर रोक लगाकर किसानों को वैश्विक बाजार में गेंहू की कीमतों में हुई वृद्धि का लाभ लेने से वंचित कर दिया था।

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