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खूबसूरत घाटियों से घिरा है भारत का ये आखरी गाँव, धरती पर स्वर्ग का अनुभव, कभी भूल नहीं पाएंगे आप

आपको अपने भारत का आखरी गाँव कौन-सा है पता है? अगर आप नहीं जानते है तो खूबसूरत घाटियों से घिरा है भारत का ये आखरी गाँव जाने यहाँ की खासियत…

अपने देश में एक से बढ़कर एक चीज है घूमने के लिए, हर जगह की अपनी खासियत है अपना नाम है। इसकी उत्तर से दक्षिण लम्बाई 3214 किमी और पूर्व से पश्चिम चौड़ाई 2933 किमी है। इसकी स्थलीय सीमा की लम्बाई 15200 किमी तथा समुद्र तट की लम्बाई 7517 किमी है।
लेकिन क्या आपको अपने भारत का आखरी गाँव कौन-सा है पता है? अगर आप नहीं जानते है तो खूबसूरत घाटियों से घिरा है भारत का ये आखरी गाँव जाने यहाँ की खासियत…
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देश के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों से घिरा इस गाँव का नाम माणा है। आपको यहाँ जाने पर किसी जन्नत में जाने का अनुभव होगा। इस गाँव की खूबसूरती ही ऐसी है जो भी इस गाँव में आता है वो कभी भी इस गाँव  की खूबसूरती को भूल नहीं पता है। 
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बद्रीनाथ से 3 किमी ऊंचाई पर बसा हुआ ये गाओ माणा की समुद्र तल से ऊंचाई 19,000 फुट है। यहाँ की बसावट भी काफी कम है लेकिन यहाँ के नज़ारे अद्भुत। यह गांव भारत और तिब्बत की सीमा से लगा हुआ है।
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इस गाँव की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की कलचर तो है ही लेकिन यहाँ की पहचान और भी वजहों से ज्यादा की जाती है। यहाँ आपको भारत की सबसे आखरी चाय की दुकान भी मिल जायेगी जहां चाय पिने का एक अलग ही अनुभव होता है।
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इस गाँव की मान्यता है कि पांडव इस गाँव  भीमपुल से होते हुए अलकापुरी गए थे। मन जाता है कि, जब पांडव इस से गुजरे थे तो वहां दो पहाड़ियों के बीच में खाई थी। जिसे पार करना बहुत ही मुश्किल था। 
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उस समय पर भीम ने एक चट्टान को उठाकर फेंकी था जो कि पुल के रूप में बदल गया था। तब से यहाँ के लोग इसको स्वर्ग का रास्ता मानते है। आप भी जब इस गाँव में जाएंगे तो एक दिल को छू लेने वाला याद अपने दिलो में बसा लेंगे। 

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