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ओलंपिक (कुश्ती) : फाइनल में गोल्ड से चूके रवि दहिया, रजत पदक से करना पड़ेगा संतोष

भारत के पहलवान रवि कुमार दहिया को यहां चल रहे टोक्यो ओलंपिक के पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में रूस ओलंपिक समिति (आरओसी) के जायूर उगयेव के हाथों 4-7 से हार का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय पहलवान रवि दहिया गुरुवार को यहां ऐतिहासिक स्वर्ण पदक से चूक गये और उन्हें तोक्यो ओलंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 57 किग्रा भार वर्ग में रूसी ओलंपिक समिति के जावुर युवुगेव से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 
युवुगेव ने अपने बेहतरीन रक्षण का नजारा पेश किया और अंकों के आधार पर यह मुकाबला 7-4 से जीता। युवुगेव ने शुरुआती अंक बनाया लेकिन रवि ने जल्द ही स्कोर 2-2 कर दिया। रूसी खिलाड़ी ने फिर से बढ़त हासिल कर दी। रवि पहले राउंड के बाद 2-4 से पीछे थे। दूसरे राउंड में भी युवुगेव ने एक अंक बनाकर अपनी बढ़त मजबूत की। रवि दूसरे राउंड में भी दो अंक ही जुटा सके। 
निशानेबाज अभिनव बिंद्रा भारत की तरफ से ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी थी। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक 2008 में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में सोने का तमगा हासिल किया था। कुश्ती में भारत का यह दूसरा रजत पदक है। इससे पहले सुशील कुमार लंदन ओलंपिक 2012 के फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था। 
तोक्यो खेलों में भारत ने अपना दूसरा रजत पदक हासिल किया। इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा भार वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया था। भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान खशाबा जाधव थे। उन्होंने हेलसिंकी ओलंपिक 1952 में कांस्य पदक जीता था। उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया। 
सुशील ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक जीतने वाले अकेले भारतीय थे और अब बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू ने यहां कांस्य जीतकर इसकी बराबरी की। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था। वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक 2016 में कांसे का तमगा हासिल किया था। 

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