अयोध्या पर फैसले के बाद नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने खरीदी जमीन, CM ने दिए जांच के आदेश

योगी सरकार ने मामले की जांच विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा द्वारा करवाने का फैसला लिया है। उन्हें कहा गया है कि पांच दिन के अंदर विस्तृत जांच करनी है और रिपोर्ट सौंपनी है।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य भले ही शुरू हो चुका है, लेकिन इस मुद्दे से जुड़े कई पहलुओं पर आज भी विवाद जारी है। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में कुछ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खरीदी गई जमीन के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश जारी किए हैं। और पांच दिन के अंदर जांच की रिपोर्ट मांगी है।
योगी सरकार ने मामले की जांच विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा द्वारा करवाने का फैसला लिया है। उन्हें कहा गया है कि पांच दिन के अंदर विस्तृत जांच करनी है और रिपोर्ट सौंपनी है। कांग्रेस द्वारा जमीन मामले में आरोपों के बाद चुनाव से पहले योगी सरकार इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
लखनऊ में अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने बताया, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग को मामले की गहनता से जांच करने को कहा है।” कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कई करीबियों का फायदा हो रहा है। कांग्रेस के इस दावे पर फिलहाल बीजेपी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस का आरोप ‘मंदिर के नाम पर चंदे की लूट’
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ‘‘पहले मंदिर के नाम पर चंदे की लूट की गई और अब संपत्ति बनाने की लूट हो रही है। साफ है कि भाजपाई अब रामद्रोह कर रहे हैं। जमीन की सीधे लूट मची हुई है। एक तरफ आस्था का दीया जलाया गया और दूसरी तरफ बीजेपी के लोगों द्वारा जमीन की लूट मचाई गई है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘अब नया खुलासा हुआ है कि निर्माणधीन राम मंदिर के निकट की जमीनें बीजेपी के विधायकों, महापौर, ओबीसी आयोग के सदस्य और प्रशासन के आला अधिकारियों द्वारा औने-पैमाने दाम पर खरीद ली गई हैं। यहां तक कि दलितों की जमीनों को भी हड़प लिया गया है। राम मंदिर मामले को लेकर न्यायालय का फैसला आने के बाद यह सब किया गया।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम आस्था, विश्वास, मर्यादा और सनातन के प्रतीक हैं। लेकिन बीजेपी के लोग उनके नाम पर भी लूट का धंधा चला रहे हैं। प्रधानमंत्री जी बताएं कि आप अपना मुंह कब खोलेंगे? प्रधानमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि (वह) चंदे की लूट और जमीन की लूट की जांच कब कराएंगे?’’

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