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CM योगी ने कहा- ‘शिक्षण संस्थान आसपास के क्षेत्र का विस्तार से करें अध्ययन’

जीएलए विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को आसपास

जीएलए विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को आसपास के क्षेत्र का भी अध्ययन विस्तार से कराना चाहिए ताकि योजनाओं के जरिए वहां के विकास में मदद मिल सके। जीएलए विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि यदि विद्यार्थियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी होगी तो वे येजनाओं का लाभ भी ले सकेंगे। वर्तमान में शिक्षण संस्थाए आस पास के क्षेत्र से जुड़ी हुई नहीं होती हैं। क्षेत्र के अध्ययन से होनेवाले लाभ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र स्टार्टअप स्थापित करना चाहता है, तो अध्ययन के दौरान ही उसे पीएम मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी मिल जाएगी और वह बिना समय गवांए अपना रोजगार चालू कर सकेंगे।
योजनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी आह्वान किया
मुख्यमंत्री ने छात्रों को पीएम इंटर्नशिप, सीएम इंटर्नशिप और अभ्युदय जैसी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और शिक्षण संस्थाओं से सरकार की योजनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को दूसरी शिक्षण संस्थाओं से ज्ञान का आदान प्रदान भी करना चाहिए और इसके लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी करने चाहिए। इससे विद्यार्थी न केवल अधिक ज्ञानवान होंगे बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसर तलाशने में भी मदद मिलेगी।
प्रदेश में एमएसएमई का सबसे बड़ा बेस मौजूद है
योगी ने अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी और पैकेजिंग पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने अगर यूपी में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र पर समय रहते ध्यान दिया होता तो आज प्रदेश टेक्निकल स्किल का हब बन गया होता। उनका कहना था कि प्रदेश में एमएसएमई का सबसे बड़ बेस मौजूद है। यूपी में आज एक लाख साठ हजार करोड़ का एक्सपोर्ट प्रतिवर्ष हो रहा है। इस क्षेत्र में स्टार्टअप की बहुत बीड़ संभावनाएं हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं के इसमें आगे आने एवं विद्यार्थयों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया।

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