केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हत्या के मामले में बरी किये जाने की अपील पर 16 मई को होगी सुनवाई

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2003 की हत्या के एक मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बरी किए जाने के खिलाफ एक सरकारी अपील पर अंतिम सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2003 की हत्या के एक मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बरी किए जाने के खिलाफ एक सरकारी अपील पर अंतिम सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की पीठ ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर एक आवेदन पर बृहस्पतिवार को आदेश पारित किया, जिसने 2003 में मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
22 नवंबर को शीघ्र सुनवाई का आदेश जारी 
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता सुशील कुमार सिंह ने तर्क देते हुए कहा कि मिश्रा को हत्याकांड में बरी करने के खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी जबकि वादी की ओर से भी बरी करने के आदेश को रिवीजन दाखिल कर चुनौती दी गयी थी। अधिवक्ता ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने 22 नवंबर 2013 को अपील पर शीघ्र सुनवाई का आदेश जारी किया था।
प्रभात गुप्ता हत्याकांड में आया था नाम अजय मिश्रा का नाम 
अपील पर पीठ ने 12 मार्च 2018 को सुनवाई पूरी करके आदेश सुरक्षित कर लिया था किन्तु बाद में बिना सुनवाई पीठ ने अपील को वापस सुनवाई के लिए लगा दिया जिसके बाद भी अभी इस अपील पर फैसला नहीं हो सका। अजय कुमार मिश्रा उर्फ टेनी और अन्य का नाम लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में 24 वर्षीय प्रभात गुप्ता की हत्या के मामले में दर्ज किया गया था जिसकी 2003 में तिकुनिया इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लखीमपुर खीरी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की एक अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में 2004 में मिश्रा और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। इसी मामले में मृतक के परिजनों की ओर से याचिका दायर की गई थी।

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