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उत्तर प्रदेश पुलिस की अनोखी पहल, अब 900 हिस्ट्रीशीटर बनेंगे मुखबिर

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पुलिस ने एक नया कदम उठाया है। जिसके तहत उन्होंने 900 से अधिक हिस्ट्रीशीटरों से पुलिस मुखबिर बनने का आग्रह किया है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पुलिस ने एक नया कदम उठाया है। जिसके तहत उन्होंने 900 से अधिक हिस्ट्रीशीटरों से पुलिस मुखबिर बनने का आग्रह किया है। यह पहल ‘संकल्प योजना’ का एक हिस्सा है, जिसका मकसद मुखबिरों के नेटवर्क को फिर से एक्टिव करना है। अगर मुखबिर के तौर पर अपराधी का अच्छा प्रदर्शन रहता है, तो इसके बदले में अधिकारी उनके पुलिस रिकॉर्ड से ‘हिस्ट्री-शीटर’ टैग हटा देगी।
इन मुखबिरों को पुलिस ने ‘अच्छे आचरण की शपथ’ दिलाई है और हाल ही में एक कार्यक्रम में कोई अपराध नहीं करने का संकल्प लिया है। यह योजना सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विपिन टाडा ने बनाई है। एसएसपी ने कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, जिसके माध्यम से हम अपराधियों को ट्रैक करते हैं, यह सीमित हैं। लोगों ने इस तरह के तरीकों को चकमा देना सीख लिया है। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में पहले से जानकारी प्राप्त करना मुश्किल है। मुखबिर किसी भी व्यक्ति से ऐसी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता हैं और अपराध को रोक सकता है। इस प्रकार हमने पूरे जिले में मुखबिरों के नेटवर्क को फिर से एक्टिव करने का निर्णय लिया है।’
मुखबिरों को मिल सकती है वित्तीय सहायता 
इस योजना के तहत पुलिस सूचना के बदले ‘अगले छह महीने के लिए अच्छे आचरण’ का प्रदर्शन करने वाले हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी रोक सकती है। उन्होंने कहा, ‘चुनावों के दौरान उन्हें जिलों से बाहर नहीं किया जाएगा और पुलिस उनके बदलते व्यवहार के चलते उनके डेटा रिकॉर्ड में अपडेट करेगी।’ विपिन टाडा ने कहा कि मुखबिरों को वित्तीय सहायता देने की योजना भी है। उन्होंने कहा कि सभी मुखबिरों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में अवगत करा दिया गया है, जिसके तहत उन्हें एक नई शुरूआत करने के लिए ऋण मिल सकता है।

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