योगी सरकार का खौफ, ‘मुझे गोली मत मारो’ की तख्ती लटकाए अपराधी ने किया आत्मसमर्पण

उत्तर प्रदेश के एक पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति अपने गले में तख्ती लटकाए हुए आया, जिसमें लिखा था, मुझे संभल पुलिस से डर लगता है। मैं अपनी गलतियों को स्वीकार करता हूं। मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूं। कृपया गोली मत चलाइए।

उत्तर प्रदेश में जिस तरह से अपराधियों पर नकेल कसी जा रही है, उसका परिणाम भी सामने आने लगा है। पुलिस की लागातर हो रही कठोर कार्रवाई के चलते बदमाशों के बीच एनकाउंटर  किए जाने का भय उतपन्न होने लगा है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अब अपराधी एनकाउंटर के भय से खुद ही पुलिस के सामने जाकर आत्मसमर्ण कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के एक पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति अपने गले में तख्ती लटकाए हुए आया, जिसमें लिखा था, मुझे संभल पुलिस से डर लगता है। मैं अपनी गलतियों को स्वीकार करता हूं। मैं आत्मसमर्पण कर रहा हूं। कृपया गोली मत चलाइए। यह घटना नखासा पुलिस स्टेशन में रविवार को घटित हुई। 15 हजार इनामी नईम, जिस पर गैंगस्टर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, उसने आत्मसमर्पण करने के दौरान तख्ती के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि उसे मुठभेड़ में न मारा जाए।
कहा जा रहा है कि अपराधी के ऊपर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था।  इस वजह से वह काफी डरा हुआ था। उसे एनकाउंटर का भी डर सताने लगा।  इसी वजह से वो तख्ती लटकाये हुए पुलिस के पास पहुंचा। स्टेशन हाउस के अधिकारी धर्मपाल सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि एक अपराधी ने पुलिस के सामने दया करने के अनुरोध के साथ आत्मसमर्पण किया है। अमरोहा और कानपुर में अपराधियों ने इसी तरह आत्मसमर्पण किया है।
यहां तक कि तीनों अवसरों पर अपराधी अपने साथ स्थानीय मीडिया के लोगों को ‘उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने’ के लिए साथ लाए। कानपुर में बिकरू घटना के बाद अपराधी मीडिया और तख्ती की रणनीति अपना रहे हैं। गौरतलब है कि बिकरू कांड में अपराधी विकास दुबे और उसके गिरोह के छह सदस्यों को मुठभेड़ों में मार गिराया गया है। 

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