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म्यांमार : अपदस्थ नेता सू की की लगातार बढ़ रही मुश्किलें, देशद्रोह के बाद अब भ्रष्टाचार का लगा आरोप

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। म्यांमार में भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ने पाया कि 75 वर्षीय सू की ने अपने रैंक का उपयोग कर भ्रष्टाचार किया था।

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। डीपीए समाचार एजेंसी के अनुसार, म्यांमार में भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ने पाया कि 75 वर्षीय सू की ने अपने रैंक का उपयोग कर भ्रष्टाचार किया था। आरोपों में अवैध रूप से 600,000 डॉलर और कई किलोग्राम सोना स्वीकार करना, साथ ही साथ भूमि का दुरुपयोग करना शामिल है।
सू की के वकील ने आरोपों को बेतुका और निराधार बताया।
उनकी रक्षा टीम के प्रमुख खिन माउंग जॉ ने डीपीए समाचार एजेंसी को बताया, मैंने कभी भी आंग सान सू की से अधिक ईमानदार नेता नहीं देखा। भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने पर म्यांमार में 15 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता 1 फरवरी को तख्तापलट के बाद से नजरबंद हैं।
न्यायपालिका पहले ही उन पर कई आरोप लगा चुकी है, जिसमें विदेशी व्यापार कानूनों का उल्लंघन करना, कोरोना वायरस उपायों का उल्लंघन करना और देशद्रोह को उकसाना शामिल है। देशद्रोह का आरोप सबसे गंभीर है। यह संदेह जताया जा रहा है कि जनता सरकार के लोकप्रिय पूर्व प्रमुख को राजनीति से स्थायी रूप से बाहर रखने के लिए जुन्टा यह सब कर रही है।

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