भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर को धोखाधड़ी मामले में 9 साल कैद

मरीज को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने लगी थी। मृत मरीज की बेटी डिसेरा बुकानन ने शुक्रवार को कहा, ‘मरीज का नाम मेरी एलिजाबेथ बुकानन था।

अमेरिकी न्यायालय ने भारतीय मूल के एक अमेरिकी डॉक्टर को 2016 में गैर-कानूनी रूप से दर्द निवारक दवाइयों के वितरण करने और मेडिकेयर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम से धोखाधड़ी करने के आरोप में 9 साल कैद की सजा सुनाई है। लॉस क्रूसेस सन न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, न्यू मैक्सिको के लॉस क्रूसेस में फेडरल कोर्ट ने गुरुवार को पवनकुमार जैन (66) को सजा सुनाई। जैन ने 2016 में ‘दर्द प्रबंधन’ अभ्यास के तहत अनुचित ढंग से मेथाडॉन जैसी नशीली दवाइयों के वितरण की बात मान ली है।

न्यायालय की रिपोर्ट के अनुसार, जैन के एक मरीज जिसकी पहचान ‘एम.ई.बी’ के तौर पर हुई, उसकी मौत 2009 में जैन द्वारा लिखि गई मेथाडॉन का सेवन करने से हो गई। दवाइयों के सेवन के बाद मरीज को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने लगी थी। मृत मरीज की बेटी डिसेरा बुकानन ने शुक्रवार को कहा, ‘मरीज का नाम मेरी एलिजाबेथ बुकानन था।

वह मरीज नं. 1 थी। उसके बच्चे थे, उसके रिश्तेदार उससे बेहद प्यार करते थे और डॉक्टर जैन ने उसे हमसे छीन लिया।’ गुरुवार को सुनवाई के दौरान अमेरिकी अटॉर्नी जॉन सी. एंडर्सन ने कहा, ‘जो डॉक्टर हमारे भरोसे का हनन करते हैं और अपने वित्तीय लाभ के लिए अपने मरीजों को बिना चिकित्सीय प्रामाणिकता के नशीली दवाइयां लिखते हैं, वह प्रत्यक्ष तौर पर हमारे देश के ओपियाड संकट को बढ़ावा दे रहे हैं।’

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