सैन्य तख्तापलट : दूतावास की भारतीय नागरिकों को सलाह, म्यामां की अनावश्यक यात्रा से बचें

यांगून स्थित भारतीय दूतावास ने म्यामां में सैन्य तख्तापलट एवं इसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर जारी परामर्श में वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

यांगून स्थित भारतीय दूतावास ने म्यामां में सैन्य तख्तापलट एवं इसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर जारी परामर्श में वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। 
दूतावास ने ‘म्यामां में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संबंध में म्यामां में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए संदेश’ शीर्षक वाले परामर्श में कहा, ‘‘म्यामां में हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर सभी भारतीय नागरिक आवश्यक सावधानियां बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। वे आवश्यकता पड़ने पर दूतावास के संपर्क कर सकते हैं।’’ 
इससे पहले, भारत ने म्यामां में सैन्य तख्तापलट और शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सोमवार को ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त करते हुए कहा था कि देश में कानून का शासन बना रहना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। 
विदेश मंत्रालय ने म्यामां के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारत म्यामां में हालात पर निकटता से नजर रख रहा है और वह म्यामां में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया का हमेशा समर्थक रहा है। 
उल्लेखनीय है कि म्यामां में सेना ने सोमवार को तख्तापलट किया और देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। भारतीय दूतावास के अनुसार, म्यामां में करीब 7,000 एनआरआई रह रहे हैं और वहां भारतीय मूल के लोगों की संख्या 15 लाख से 25 लाख के बीच हो सकती है। 

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