इंडोनेशिया : जंग का मैदान बना स्टेडियम, फुटबॉल मैच के दौरान हिंसा में 2 पुलिसकर्मी समेत 174 लोगों की मौत

इंडोनेशिया में चल रहे फुटबॉल मैच में हिंसा भड़क गई जिसके चलते कम से कम 174 लोगों की मौत हो गई और 180 अन्य लोग घायल हो गए। इंडोनेशिया पुलिस द्वारा घटना की पुष्टि की गई है।

इंडोनेशिया में चल रहे फुटबॉल मैच में हिंसा भड़क गई जिसके चलते कम से कम 174 लोगों की मौत हो गई और 180 अन्य लोग घायल हो गए। इंडोनेशिया पुलिस द्वारा घटना की पुष्टि की गई है। पूर्वी जावा के एक फुटबॉल मैदान में फुटबॉल का मैच खेला जा रहा था।  इस मैच को देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक मैदान पर पहुंचे थे। फुटबॉल मैच का नतीजा जब आया तो मैदान में मैच देखने पहुंचे फैंस भड़क गए। गुस्साए प्रशंसकों ने फुटबॉल के मैदान में घुसकर हंगामा करना शुरू कर दिया।  दो पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई है।
दर्शकों की 38 हजार की क्षमता से 4000 ज्यादा दर्शक मौजूद थे
अफिंटा ने कहा कि शुरूआती जांच में पता चला है कि ज्यादातर मौतें भगदड़ के कारण हुईं, जबकि अन्य लोगों की मौत सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई होगी। उन्होंने कहा, स्टेडियम के अंदर लगभग 34 लोगों की मौत हो गई और बाकी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक स्टेडियम में दर्शकों की 38 हजार की क्षमता से 4000 ज्यादा दर्शक मौजूद थे।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, हारने वाली टीम के समर्थकों ने हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और फुटबॉल मैदान में जबरन घुस गए, जिसके चलते उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई और भगदड़ मच गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों फुटबॉल टीमों के समर्थकों ने स्टेडियम के अंदर आपस में मारपीट की और दंगा किया। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे, जिससे भीड़ में दहशत फैल गई। लोगों ने स्टेडियम छोड़ने के लिए हाथापाई की, जिससे बाहर निकलने पर भगदड़ मच गई।
इंडोनेशियाई फुटबॉल को कलंकित 
इंडोनेशियाई खेल मंत्री जैनुद्दीन अमली ने इस घटना के लिए माफी मांगी, कहा कि मामले की जांच करेंगे और इंडोनेशियाई फुटबॉल टूर्नामेंट में आयोजकों के प्रबंधन और सुरक्षा उपायों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। इस बीच राष्ट्रपति जोको विडोडो ने आदेश दिया है कि इंडोनेशिया की टॉप लीग में सभी मैच जांच पूरी होने तक रोक दिए जाएं। इंडोनेशिया फुटबॉल संघ ने कहा कि उसने जांच शुरू कर दी है। संघ ने साथ ही कहा है कि इस घटना ने इंडोनेशियाई फुटबॉल को कलंकित किया है।
मैच के लिए 42 हजार टिकट बेचे गए
इंडोनेशिया में फुटबॉल मैचों में हिंसा कोई नई बात नहीं है। अरेमा मलंग क्लब और परसेबाया सुरबाया लम्बे समय से एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। परसेबाया सुराबाया के प्रशंसकों को हिंसा की आशंका के चलते टिकट खरीदने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। लेकिन मुख्य रक्षा मंत्री मह्फूड एमडी ने कहा कि मैच के लिए 42 हजार टिकट बेचे गए थे।
यह भगदड़ स्टेडियमों में दुर्घटना की लम्बी सूची में एक और कड़ी है। 1964, में लिमा में पेरू-अर्जेंटीना ओलम्पिक क्वालीफायर में भगदड़ मचने से कुल 320 लोग मारे गए थे और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।1985 में लिवरपूल और जुवेंटस के बीच यूरोपियन कप के फाइनल के दौरान 39 लोग मारे गए थे और 600 घायल हुए थे। ब्रिटेन में हिल्सबोरो स्टेडियम में एफए कप सेमीफाइनल में लिवरपूल के 97 प्रशंसक मारे गए थे।

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