OIC मंत्रियों ने सऊदी अरब में हुए तेल संयंत्रों पर हमले की निंदा की, अमेरिका ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार

पड़ोसी यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने तेल कंपनी अरामको के दो संयंत्रों पर शनिवार को हुए हमलों की जिम्मेदारी ली।

रियाद : सऊदी अरब में रविवार को हुए तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले की इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों ने निंदा की। इस हमले के लिए अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। पड़ोसी यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने तेल कंपनी अरामको के दो संयंत्रों पर शनिवार को हुए हमलों की जिम्मेदारी ली। यमन में सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन पांच साल से चल रहे संघर्ष में फंसा हुआ है। 
ओआईसी ईरान की एक सदस्य की तौर पर गिनती करता है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वह बैठक में शामिल हुआ या नहीं। यह बैठक असल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू की वेस्ट बैंक के हिस्से को शामिल करने की प्रतिबद्धता का जवाब देने के लिए बुलाई गई थी। लेकिन इस मुद्दे की बजाए बैठक में समूह के महासचिव यूसुफ अल ओथाइमीन ने तेल संयंत्रों पर हुए हमले को केंद्र में रखा गया। इन हमलों के कारण सऊदी अरब के कच्चा तेल उत्पादन की क्षमता अस्थायी तौर पर आधी हो गई थी। 
अल ओथाइमीन सऊदी अरब के सामाजिक मामलों के पूर्व मंत्री रहे हैं। सऊदी अरब की सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयान में उन्होंने कहा, “मंत्रियों ने इस आतंकवादी हमले की निंदा की और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बयानों का स्वागत किया जिसमें सऊदी अरब को अस्थिर करने के लिए जताई जा रही आक्रामकता को खारिज किया गया।” 

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