काला सागर में ब्रिटेन-रूस के बीच रार : Russia ने युद्धपोत घुसपैठ पर ब्रिटेन के दूत को किया तलब

रूसी विदेश मंत्रालय ने काला सागर में मास्को के ‘प्रादेशिक जल’ के ब्रिटिश युद्धपोत द्वारा उल्लंघन करने पर विरोध जताते हुए ब्रिटेन के राजदूत डेबोरा ब्रोनर्ट को तलब किया है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने काला सागर में मास्को के ‘प्रादेशिक जल’ के ब्रिटिश युद्धपोत द्वारा उल्लंघन करने पर विरोध जताते हुए ब्रिटेन के राजदूत डेबोरा ब्रोनर्ट को तलब किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में रूस के ‘प्रादेशिक जल’ में यूके नेवी विध्वंसक एचएमएस डिफेंडर की ‘उकसाने वाली और खतरनाक कार्रवाई’ की निंदा की, जो समुद्र के कानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के खिलाफ थी।
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के उकसावे फिर से होते हैं, तो ‘उसके संभावित परिणामों की पूरी जिम्मेदारी ब्रिटिश पक्ष की होगी’
मॉस्को में रक्षा मंत्रालय के अनुसार, युद्धपोत ने केप फिओलेंट और रूस के ब्लैक सी फ्लीट सु 24 एम विमान ने समुद्री सीमा क्षेत्र से 3 किमी आगे जाकर विध्वंसक के रास्ते में चेतावनी बमबारी की, और बुधवार को सुबह 11.52 बजे काला सागर के उत्तर पश्चिमी हिस्से में रूसी सीमा पार की।
एक बयान में ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के प्रेस कार्यालय ने कहा कि ‘एचएमएस डिफेंडर पर कोई चेतावनी शॉट नहीं चलाए गए हैं।’
‘रॉयल नेवी जहाज अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेनी क्षेत्रीय जल के माध्यम से निर्दोष मार्ग का संचालन कर रहा है ।’
प्रेस कार्यालय ने आगे कहा, ‘हमारा मानना है कि रूसी काला सागर में तोपखाने का अभ्यास कर रहे थे और उन्होंने समुद्री समुदाय को उनकी गतिविधि की पूर्व चेतावनी प्रदान दी।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

9 − one =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।