ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के घरों को अधिक निशाना बना रहे हैं चोर : रिपोर्ट

आसानी से निपटारा किया जा सकता है। वहीं मेट्रोपोलिटियन पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2017-18 के बीच 2.12 करोड़ पाउंड की 3,300 चोरियां हुई।

 ब्रिटेन में चोर भारतीय मूल के लोगों के घरों को अधिक निशाना बना रहे हैं और पिछले पांच वर्षों में 14 करोड़ पाउंड कीमत के सोने की चोरी हुयी है। ‘बीबीसी’ की एक जांच में पाया गया कि शादी के तोहफे के रूप में सोने की खरीद की जाती है और माना जाता है कि दक्षिण एशियाई मूल के परिवार इसे घर में ही रखते हैं और इसे अगली पीढ़ियों को सौंप दिया जाता है। ब्रिटेन के 45 पुलिस बलों में से 23 द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार ग्रेटर लंदन में सबसे अधिक 10.56 करोड़ पाउंड और फिर ग्रेटर मैनचेस्टर से 96 लाख पाउंड के सोने की चोरी हुयी।

 एशियाई सोना के कारोबारी संजय कुमार ने कहा कि लोगों को उनके अभिभावकों द्वारा कहा जाता है कि सोना जरूर खरीदना चाहिए क्योंकि यह एक निवेश है और यह शुभ होता है। यह कुछ ऐसा है जो हम एशियाई लोग करते हैं, इसलिए लोग परम्परा और संस्कृति का पालन कर रहे हैं।

चोरी के मामलों की जांच करने वाले पुलिस बलों ने कहा कि कुछ पीड़ितों के पास बड़ी मात्रा में आभूषण थे, लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं था। चेशायर पुलिस ने एशियाई स्वर्ण संबंधित चोरियां बढ़ने के बाद समुदाय के सदस्यों के साथ काम करने के लिए एक टीम का गठन किया। चेशायर पुलिस की अपराध शाखा के प्रमुख एरॉन डुग्गन ने कहा कि मामलों की जांच करने में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सोने का आसानी से निपटारा किया जा सकता है। वहीं मेट्रोपोलिटियन पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2017-18 के बीच 2.12 करोड़ पाउंड की 3,300 चोरियां हुई। केन्ट पुलिस ने इस दौरान 16 लाख पाउंड की 89 चोरियां और ग्रेटर मैनचैस्टर पुलिस ने 15 लाख पाउंड की 238 चोरियों के मामले दर्ज किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 + five =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।