Ukraine crisisः यूक्रेन के सूमी में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर काफी चिंतित हैं भारत

यूक्रेन और रूस के बीच जंग लगातार दसवें दिन भी जारी हैं। रूस की तरफ से यूक्रेन पर लगातार हमला किया जा रहा है तो वहीं यूक्रेन भी इसका जमकर सामना कर रहा हैं..

यूक्रेन और रूस के बीच जंग लगातार दसवें दिन भी जारी हैं। रूस की तरफ से यूक्रेन पर लगातार हमला किया जा रहा है तो वहीं यूक्रेन भी इसका जमकर सामना कर रहा हैं। दोनों देशों के बीच जारी जंग कब खत्म होगी फिलहाल इसके बारे मे  अभी कुछ नही पता हैं। इस बीच  भारत ने शनिवार को कहा कि वह युद्धग्रस्त यूक्रेन के पूर्वी शहर सूमी में फंसे भारतीयों को लेकर ‘काफी चिंतित’ है, साथ ही उसने विविध माध्यमों से रूस एवं यूक्रेन दोनों से तत्काल संघर्षविराम करने को कहा है, ताकि संघर्ष वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके ।
 अरिंदम बागची ने अपने बयान में कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने बयान में कहा कि छात्रों को सुरक्षा संबंधी एहतियात बरतने, आश्रय स्थल के अंदर रहने तथा अनावश्यक खतरा मोल न लेने को कहा गया है। बागची ने शुक्रवार को कहा था कि सूमी में करीब 700 भारतीय फंसे हुए हैं । प्रवक्ता ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘यूक्रेन के सूमी में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर (भारत) काफी चिंतित है। रूस और यूक्रेन की सरकारों को विविध माध्यमों से पुरजोर तरीके से तत्काल संघर्षविराम के लिए (भारत ने) कहा है, ताकि हमारे छात्रों को सुरक्षित गलियारा मिल सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने छात्रों से सुरक्षा संबंधी एहतियात बरतने, आश्रय स्थल के अंदर रहने तथा अनावश्यक खतरा (मोल) न लेने को कहा है।’’ बागची ने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास छात्रों के साथ निरंतर सम्पर्क में है।
11,000 भारतीयों की हो चुकी है सुरक्षित वापसी
गौरतलब है कि यू्क्रेनी हवाई क्षेत्र 24 फरवरी को रूस का सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से ही बंद है। ऐसे में भारत यूक्रेन के पड़ोसी देशों-रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड से विशेष उड़ानों के जरिए अपने नागरिकों को निकाल रहा है। एयर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, गो फर्स्ट, स्पाइसजेट और एयर एशिया इंडिया द्वारा संचालित निकासी उड़ानों के अलावा भारतीय वायुसेना भी यूक्रेन से फंसे भारतीयों को वापस लाने में सरकार की मदद कर रही है। बता दें कि रूस के यूकेन पर हमला करने के बाद से ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत अब तक केंद्र सरकार 11,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी करा चुकी है।

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