बिहार में जन सुराज की बढ़ती सक्रियता के कारण प्रशांत किशोर पर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें अरविंद केजरीवाल का दूसरा रूप बताया। वहीं, कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने आगामी चुनाव में बेईमान लोगों को हटाने का दावा किया। जन सुराज के अध्यक्ष उदय सिंह ने पप्पू यादव पर पलटवार किया।
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जन सुराज को पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने और राज्य में बढ़ती सक्रियता के बीच पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अन्य दलों के निशाने पर आ गए हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल का दूसरा रूप प्रशांत किशोर हैं। केजरीवाल की जो गतिविधि और व्यवहार है, प्रशांत किशोर की भी गतिविधि वही है। बिहार की जनता, दिल्ली की जनता के संपर्क में है। जनता अनुमान नहीं बल्कि अनुभव पर भरोसा करती है।”
उन्होंने कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन की सरकार है और आगे भी रहेगी। बिहार में एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) का सुशासन स्थापित करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी ने नीतीश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी। नीतीश कुमार आज भी हैं और कल भी रहेंगे। पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर बिहार बदल रहा है। बिहार की बेहतरी के लिए जनता भारी बहुमत से एनडीए को फिर से सत्ता में लाएगी।”
वहीं, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद एवं कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने कहा, “आगामी विधानसभा चुनाव में हमारा किसी से कोई मुकाबला नहीं है। जनता के बीच कोई वैकेंसी नहीं बची है। जनता बेईमान लोगों को खत्म कर देगी। ब्लैक मनी, ब्लैकमेलर और अहंकारी जननायक जेपी जी का इतिहास नहीं है। यहां वही लोग सफल होंगे, जिनका आधार कर्पूरी जी, जगदेव बाबू, जेपी, लोहिया से जुड़ा हो, जिन्होंने सामाजिक संघर्ष किया और गरीबी को देखा था। जो ब्लैक मनी से समाज को बदलना चाहते हैं, उनका यहां पर कोई स्थान नहीं है।”
जन सुराज के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पप्पू यादव के बयान पर निशाना साधते हुए कहा, “पूर्णिया सांसद ने कुछ दिन पहले मुझे मैसेज देकर कहा था कि वह अनर्गल बयान देने से परहेज करेंगे। फिर मैंने कहा था कि अगर वह ऐसा करेंगे तो मैं भी बयान नहीं दूंगा। मैं मैसेज सार्वजनिक नहीं करना चाहता हूं, लेकिन जरूरत पड़ेगी तो करूंगा। पूर्णिया सांसद युद्ध विराम खुद तोड़ रहे हैं, उन्हें इस पर सोचना चाहिए। अगर उन्होंने फिर बयान दिया तो मैं उसी भाषा में उन्हें उत्तर दूंगा।”


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