जब बात सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों की आती है, तो अजय देवगन की ‘दृश्यम’ (Drishyam) का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है। 2 अक्टूबर और 3 अक्टूबर की तारीखें तो हम कभी नहीं भूल सकते, लेकिन जब हाल ही में इस सीरीज का तीसरा पार्ट यानी दृश्यम 3 सिनेमाघरों में आया, तो दर्शकों के मन में एक सवाल खड़ा हो गया कि क्या इस बार भी वो पुरानी वाली बेचैनी और थ्रिल देखने को मिला या फिर मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया? आइए जानते हैं कि फिल्म में क्या खास है और कहां बात थोड़ी बिगड़ गई।
2 अक्टूबर और 3 अक्टूबर का वो पुराना खौफ, इस बार क्यों महसूस नहीं हुआ?

याद कीजिए जब पहली ‘दृश्यम‘ आई थी, तो हर किसी की सांसें अटकी हुई थीं। विजय सालगांवकर और उसके परिवार को बचाने के लिए पुलिस से जो लुका-छिपी का खेल चल रहा था, उसने थिएटर्स में आग लगा दी थी। हर छोटी बात पर दिल धड़कता था कि कहीं कोई राज बाहर न आ जाए।
दूसरे पार्ट में भी वो जादू बरकरार रहा। लेकिन जब बात दृश्यम 3 की आती है, तो वो बात थोड़ी मिसिंग लगती है। इस बार फिल्म देखते वक्त वो बेचैनी नहीं होती। कई बार ऐसा लगने लगता है कि अरे, अब इसके बाद तो यही होने वाला है और सच में वही हो जाता है। यानी ‘अब क्या होगा?‘ की जगह ‘अच्छा, अब ये होने वाला है‘ वाला भाव आ जाता है, जो सस्पेंस फिल्मों के लिए थोड़ा कमजोर पॉइंट बन जाता है।
विजय सालगांवकर और तब्बू का अंदाज वही, पर पुरानी वाली बात कहां खो गई?

फिल्म में हमारे अपने प्यारे विजय सालगांवकर यानी अजय देवगन अपने पुराने और सीरियस अंदाज में ही नजर आते हैं। उनकी आंखों का ठहराव और चेहरे की खामोशी आज भी दमदार हैं। साथ में तब्बू और गायतोंडे जैसे किरदार भी स्क्रीन पर मौजूद हैं। नए किरदार भी जोड़े गए हैं ताकि कहानी में थोड़ा और दम आए। लेकिन दिक्कत यह हो जाती है कि चेहरे और एक्टर्स तो वही पुराने हैं, जो दर्शकों को याद थे, पर इस बार उनकी वो परफॉर्मेंस दिलों पर गहरी छाप छोड़ने में थोड़ी चूक जाती है। विजय की चुप्पी पहले कुछ बड़ा होने का इशारा करती थी, लेकिन इस बार कई दृश्यों में वो सिर्फ एक दिखावा सी लगती है।
‘मदिरा पीकर सो गए… छी-छी-छी’: क्या सच में सुस्त पड़ गई इस बार की कहानी?

फिल्म के पहले हाफ में एक थिएटर रिहर्सल के दौरान एक लाइन बोली जाती है- “मदिरा पीकर सो गए… छी-छी-छी।” यह डायलॉग फिल्म पर थोड़ा भारी सा पड़ता नजर आता है। फिल्म खत्म होने के बाद कई लोगों के मन में यही बात रह जाती है कि क्या सच में इस बार मेकर्स ने कहानी पर उतनी मेहनत नहीं की जितनी पहले की थी? हालांकि फिल्म सिनेमाघरों में ठीक-ठाक कमाई कर रही है और फैंस अजय देवगन के लिए जा भी रहे हैं, लेकिन जो थ्रिलर का नशा पहले दो पार्ट्स में चढ़ता था, वो इस बार थोड़ा फीका पड़ता दिखाई दे रहा है।
आपको बता दें , अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3: द कंक्लूजन ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। फिल्म ने अपनी रिलीज के आठवें दिन (यानी दूसरे शुक्रवार) तक दुनियाभर में कमाई के मामले में 407 करोड़ रुपये का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है। सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अजय देवगन के सस्पेंस और उनकी सीरियस एक्टिंग की वजह से इस फिल्म के दीवाने हो रहे हैं।
अगर बात करें भारतीय बॉक्स ऑफिस की, तो फिल्म ने पहले हफ्ते (7 दिनों में) ही देश के अंदर 245.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया था। इसके बाद, आठवें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को भी फिल्म ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की दमदार कमाई की है। इसी के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 260 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जिस रफ्तार से फिल्म आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि वीकेंड पर इसकी कमाई में और बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
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