GST 2.0 on Homes: आलिशान घर बनाने का सपना होगा पूरा, कंस्ट्रक्शन मटेरियल की लागत में होगी भारी गिरावट

Summary :

GST 2.0 on Homes: GST 2.0 से अब सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत का स्लैब ही जारी रहेगा। जिसके चलते सपनों का घर बनाना सस्ता होगा और माना जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन मटेरियल की लागत में 3.5 से 4.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है। कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर GST कम होने से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिल सकती है और इससे कंस्ट्रक्शन की लागत में 3.5 से 4.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है। GST 2.0 on Homes कंस्ट्रक्शन में सीमेंट सबसे महत्वपूर्ण लागत घटकों में से एक है, जो कच्चे माल के खर्च का 25-30…

GST 2.0 on Homes: GST 2.0 से अब सिर्फ 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत का स्लैब ही जारी रहेगा। जिसके चलते सपनों का घर बनाना सस्ता होगा और माना जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन मटेरियल की लागत में 3.5 से 4.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है। कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर GST कम होने से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिल सकती है और इससे कंस्ट्रक्शन की लागत में 3.5 से 4.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

GST 2.0 on Homes

GST 2.0 on Homes
GST 2.0 on Homes

कंस्ट्रक्शन में सीमेंट सबसे महत्वपूर्ण लागत घटकों में से एक है, जो कच्चे माल के खर्च का 25-30 प्रतिशत होता है, इस कटौती से डेवलपर मार्जिन में सुधार और परियोजना लागत में कमी आने की उम्मीद है। डेवलपर्स के लिए एक अन्य प्रमुख लागत घटक स्टील पर टैक्स 18 प्रतिशत पर अपरिवर्तित बना हुआ है।

Real Estate Sector

Real Estate Sector
Real Estate Sector

संगमरमर और ट्रैवर्टीन ब्लॉक, ग्रेनाइट ब्लॉक और रेत चूना ईंटों पर टैक्स को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे विशेष रूप से मध्यम श्रेणी और प्रीमियम परियोजनाओं को राहत मिलेगी, जहां इन सामग्रियों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। माना जा रहा है कि इस कटौती से डेवलपर मार्जिन में सुधार होने और परियोजना लागत कम होने की भी उम्मीद है, क्योंकि निर्माण सामग्री आमतौर पर बिल्डरों के लिए कुल निर्माण लागत का 50-60 प्रतिशत होती है।

GST Reduction on Cement

सीमेंट पर GST में 10 प्रतिशत की कमी से कुल निर्माण लागत में 3.0 से 3.5 प्रतिशत की बचत होने का अनुमान है। इसके अलावा, संगमरमर, ग्रेनाइट और संबंधित इनपुट पर दर संशोधन से अतिरिक्त 0.5-1.0 प्रतिशत की बचत होगी। वहीं निर्माण सामग्री पर GST सुधार से रियल एस्टेट क्षेत्र को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन संपत्ति पर लागू दरें अपरिवर्तित रहेंगी, जो कराधान में स्थिरता का संकेत देती हैं।

ALSO READ: Textile Economy: GST में राहत से कपड़ा अर्थव्यवस्था की रफ्तार होगी तेज, 350 अरब डॉलर पहुंचेगा कपड़ा क्षेत्र

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।