IDFC First Bank Fraud: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के करोड़ों रुपए के खुलासे के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में लगभग 590 करोड़ रुपये का खुलासा हुआ है जिसके बाद चार अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है। इस करोड़ों के खुलासे के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयर में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और शेयर का भाव भी नीचे आ गया है साथ ही मार्केट कैप भी टूट गया है। विस्तार से जानते है इस करोड़ों रुपये के फ्रॉड के बारे में..
IDFC First Bank Market Cap

IDFC First Bank के अनुसार बैंकिंग रेगुलेटर ने जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारी हरियाणा सरकार के खाते से लगभग 590 करोड़ रुपये के फ्रॉर्ड लेनदेन में शामिल थे। बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है और 4 अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया है। वहीं हरियाणा सराकर ने भी बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में सभी सरकारी बैंक खातों को तुरंत डी-एम्पेनल कर दिया जाएगा। अभी सिर्फ 590 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है और क्लेम के वैलिडेशन, रिकवरी के आधार पर सटीक रकम तय की जाएगी।
IDFC First Bank Shares Crash
करोड़ों रुपए के फ्रॉड के बाद IDFC First Bank के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि आज शेयर में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और शेयर की कीमत 66.85 रुपये तक पहुंच गई है साथ ही मार्केट कैप भी टूटकर लगभग 50,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जिससे निवेशकों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस भारी बिकवाली के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया है और लगभग 14,000 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए है।
IDFC First Bank Fraud

बैंक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कहा कि इस धोखाधड़ी मामले में शक के आधार पर चार अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया है। फाइलिंग में कहा गया कि बैंक लागू कानून के अनुसार जिम्मेदार कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई करेगा।
ALSO READ: टैरिफ में बदलाव, भारतीय शेयर बाजार में भारी उछाल, Sensex 500 अंक उछला


Download Android App
Download iOS App




