Stock Market Today 14 October 2026: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली उतार-चढ़ाव, वैश्विक संकेतों के बीच मिला-जुला कारोबार

Summary :

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू व वैश्विक चुनौतियों के बीच सपाट खुला। बीएसई सेंसेक्स में 0.02% की मामूली बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी 50 में 0.03% की हल्की गिरावट दर्ज हुई।

पिछले कारोबारी सत्र में 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के बाद वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला। निवेशक एक ओर घरेलू सकारात्मक संकेतों का आकलन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

सेंसेक्स में मामूली बढ़त, निफ्टी हल्का कमजोर

बीएसई सेंसेक्स 73,049.76 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 73,033.78 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 50 22,715.75 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 22,721.95 पर बंद हुआ था। इस तरह, सेंसेक्स 15.98 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है, जबकि निफ्टी 50 6.20 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट को दर्शाता है।

निफ्टी50 इंडेक्स में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और बीएसई सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी मिड कैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी शेयरों में शानदार तेजी जारी

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी आईटी ने अपनी बढ़त जारी रखी और शीर्ष लाभ कमाने वाला (1% से अधिक की वृद्धि) सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी एफएमसीजी में 0.38 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.67 प्रतिशत गिर गया। हेल्थकेयर से जुड़े सूचकांकों पर भी दबाव बना रहा और इनमें 0.6 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक भी दबाव में ट्रेड करता नजर आया।

बाजार एक्सपर्ट की राय

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को निफ्टी में आई तेज तेजी एक कमजोर और गिरावट वाले बाजार में अप्रत्याशित रही, जिसका प्रमुख कारण शॉर्ट कवरिंग गतिविधियां थीं।

विशेषज्ञों ने कहा कि इस तेजी की मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वह टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) पर हितधारकों की राय की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी। इन टिप्पणियों से संभावित नीतिगत बदलावों की उम्मीद बढ़ी, जिससे निवेशकों की धारणा को बल मिला।

एशियाई बाजारों में रिकवरी

इस बीच, एशियाई बाजार लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद संभलते हुए दिखाई दिए। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर कम आक्रामक रुख अपना सकता है।

कारोबारी यमन के ईरान समर्थित हूती समूह और सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रमों से आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर का आकलन कर रहे हैं। साथ ही वैश्विक बाजारों में रूसी डीजल आपूर्ति बढ़ने की संभावना पर भी नजर बनी हुई है।

निवेशक घरेलू बाजार के दृष्टिकोण के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत के अगस्त के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।