chhattisgarh News Today : राज्य सरकार ने भारतीय वन सेवा के छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार पांडे को वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की हरी झंडी के बाद राज्य शासन ने इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं.
दरअसल, छ्त्तीसगढ़ के हेड ऑफ फॉरेस्ट और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास राव 29 मई को सेवानिवृत हो रहे हैं। इसके बाद आगामी दो दिनों तक अवकाश की वजह से राज्य शासन ने पहले ही नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं. अरुण कुमार पांडे को वन विभाग में बेहद वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी माना जाता है. वे विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन कर चुके हैं. हालांकि नए वन बल प्रमुख पांडे का कार्यकाल लगभग 13 माह ही रहेगा.
नाम पर मोहर
वे 13 माह बाद सेवानिवृत हो जाएंगे. राज्य शासन ने सप्ताह भर पहले ही विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में अरुण कुमार पांडे के नाम पर मोहर लगा दी थी. डीपीसी के बाद ही तय हो गया था कि वे ही वन बल के नए प्रमुख होंगे. भारतीय वन सेवा के 1994 बैच के अफसर अरुण कुमार पांडे वन बल प्रमुख बनने से पहले तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
बेहतर प्रशासनिक क्षमता के चलते ही जैव विविधता बोर्ड में रहते हुए अरुण कुमार पांडे ने रामसर साइट की खोज की थी. जिसे छत्तीसगढ़ के लिए एक उपलब्धि माना जाता रहा है, इधर निवृत्तमान वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव को राज्य शासन द्वारा एक्सटेंशन देने की भी संभावना जताई जा रही थी. हालांकि अब लगभग यह संभावना खत्म हो गई है.
दी बड़ी जिम्मेदारी
राज्य शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वन विभाग में किसी भी तरह के एक्सटेंशन की परंपरा शुरू नहीं की जाएगी. इधर वन बल प्रमुख की दौड़ में अरुण कुमार पांडे से वरिष्ठ दो अन्य आईएफएस अधिकारी भी थे. इनमें वरिष्ठ आईएफएस अफसर अनिल साहू और कौशलेंद्र सिंह शामिल हैं. राज्य शासन ने एक तरह से दोनों वरिष्ठ अफसर को सुपरसीड करते हुए अरुण पांडे को नई जिम्मेदारी दी है. यह भी तथ्य है कि वरिष्ठ दोनों आईएफएस अधिकारी जल्द ही सेवानिवृत्ति की कगार पर पहुंचे जाएंगे.


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