CM Rekha Gupta Delhi development: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना और बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री ने चांदनी चौक इलाके में ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने की योजना की शुरुआत की।
इससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति भी सुरक्षित होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री द्वारा मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन और शिवालिक, द्वारका व गोयला खुर्द में चार बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर चलना चाहती है ताकि राजधानी में बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस अवसर पर दक्षिण दिल्ली के सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
CM Rekha Gupta Delhi development: चांदनी चौक में बिजली की तारें जमीन के नीचे करने की योजना
चांदनी चौक की 28 ऐतिहासिक सड़कों और गलियों में लटकते बिजली के तारों को हटाने के लिए दिल्ली सरकार और बीवाईपीएल ने बड़ी परियोजना शुरू की है। लगभग 159.75 करोड़ रुपये की लागत से 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड बिजली लाइन को जमीन के नीचे किया जाएगा। इस काम के तहत 500 नए फीडर पिलर लगाए जाएंगे, सजावटी स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए आधुनिक ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक का उपयोग होगा।
यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से रात के समय किया जाएगा ताकि लोगों की दिनचर्या और यातायात पर कम से कम असर पड़े। इस योजना से करीब 10,000 उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। आग लगने और खराब मौसम से होने वाली बिजली की दिक्कतें कम होंगी। इससे क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ेगी, बिजली आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद बनेगी और ऐतिहासिक इलाके की सुंदरता भी निखरेगी।
Chandni Chowk beautification project: चांदनी चौक केवल बाजार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक- CM Rekha Gupta
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदनी चौक केवल बाजार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और व्यापारिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। लेकिन लंबे समय से ऊपर लटकते बिजली के तार न केवल इस क्षेत्र की सुंदरता को प्रभावित कर रहे थे बल्कि सुरक्षा के लिए भी चुनौती बने हुए थे। इस परियोजना के माध्यम से अब यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सौंदर्यपूर्ण बनेगा। यह पहल केवल बिजली व्यवस्था का सुधार नहीं, बल्कि धरोहर संरक्षण और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक लोकसभा के विकास के लिए पहले 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब आवश्यकता को देखते हुए यह राशि 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। केवल वर्तमान कार्य के लिए 28 सड़कों के पुनर्विकास का कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने पुरानी दिल्ली क्षेत्र के समग्र विकास की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि शाहजहानाबाद पुनर्विकास बोर्ड की जिम्मेदारी स्वयं अपने पास रखी है ताकि सड़कों, पार्किंग, अतिक्रमण, शौचालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके। उनका उद्देश्य इस ऐतिहासिक क्षेत्र को पर्यटन और व्यापार के अनुकूल, सुव्यवस्थित और आधुनिक अवसंरचना से युक्त बनाना है।
मंडोली ग्रिड: उत्तर-पूर्वी दिल्ली को वोल्टेज की समस्या से राहत
मंडोली में 66/11 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन बनाया जा रहा है। इसकी क्षमता 63 एमवीए होगी। इस परियोजना पर लगभग 55.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ग्रिड से करीब 1.5 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। मंडोली, हर्ष विहार, बैंक कॉलोनी और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति ज्यादा स्थिर और बेहतर होगी। साथ ही, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मंडोली जेल और डीटीसी के ईवी बस डिपो जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी भरोसेमंद बिजली मिलेगी। ग्रिड शुरू होने के बाद वोल्टेज की समस्या और बार-बार बिजली जाने की परेशानी में काफी कमी आएगी।
Chandni Chowk smart city project: बीईएसएस परियोजनाएं: बिजली भंडारण में दिल्ली की नई पहल
गर्मी में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बीआरपीएल की चार नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 55.5 मेगावाट/111 मेगावाट प्रति घंटा होगी। इससे लगभग 2.22 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। इनमें शिवालिक में करीब 50,000, द्वारका (जी-5) में 1,28,000, द्वारका (जी-7) में 16,000 और गोयला खुर्द में 28,000 उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। सभी परियोजनाओं को मार्च 2027 से पहले शुरू करने का लक्ष्य है। इन बैटरी प्रणालियों से पीक समय में बिजली कटौती कम होगी, वोल्टेज में सुधार होगा और ग्रिड मजबूत बनेगा। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और स्वच्छ व सतत ऊर्जा को बढ़ावा देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आधुनिक ऊर्जा परियोजनाओं से लाखों परिवारों को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही, दिल्ली की ऊर्जा संरचना और अधिक सुदृढ़ बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों की बढ़ती बिजली मांग के लिए भी दिल्ली को तैयार करेंगी। स्वच्छ, स्मार्ट और सस्टेनेबल ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
ऊर्जा मंत्री Ashish Sood ने कहा: देश का मॉडल बनेगा दिल्ली का पावर सेक्टर
इस अवसर पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल परियोजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक है। नई सरकार दिल्ली के पावर सेक्टर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और आधुनिक बना रही है। उन्होंने बताया कि 436 करोड़ रुपये की योजना के तहत चांदनी चौक सहित कई इलाकों में ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जा रहा है। मंडोली में 66 केवी जीआईएस ग्रिड सब-स्टेशन से 1.5 लाख उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किलोकरी में 20 मेगावाट का बीईएसएस प्रोजेक्ट देश का पहला व्यावसायिक स्टैंडअलोन प्रोजेक्ट है। साथ ही, चार नए बीईएसएस प्रोजेक्ट्स से 55 मेगावाट अतिरिक्त भंडारण क्षमता जुड़ेगी, जिससे पीक समय में बिजली आपूर्ति स्थिर रहेगी। उन्होंने बताया कि डीटीएल की बैठक में 3000 करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अगले तीन वर्षों के लिए 17,000 करोड़ रुपये की बिजली ढांचा योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली का पावर सिस्टम भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

























