रायपुर : छत्तीसगढ़ के चुनावी मिशन में भाजपा ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। भाजपा के घोषित 77 प्रत्याशियों में ज्यादातर चेहरे रिपीट किए गए हैं। वहीं एक महिला वर्ग की मंत्री की टिकट काटी गई है। भाजपा में इस अप्रत्याशित ढंग से बांटी गई टिकट के कई अहम मायने माने जा रहे हैं। हालांकि मंत्री समेत 13 विधायकों की टिकट भी काटी गई है। इधर 13 सीटों में प्रत्याशियों का ऐलान रोका गया है। इसे भी रणनीतिक फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस के टिकट का ऐलान होने के बाद अन्य 13 सीटों में प्रत्याशियों का ऐलान होगा। भाजपा संगठन ने इस बार चौंकाने वाले तथ्यों और समीकरणों पर अपना दांव लगाया है। कुछ सीटों में जिन विधायकों की टिकट काटी गई है वहां अब नए सिरे से परचम लहराने की रणनीति होगी। टिकट वितरण में एक तरह से मुख्यमंत्री की पसंद को तवज्जो दी गई है। भजपा ने जरूर पहले चरण की सभी 18 सीटों में नाम तय कर दिए हैं। वहीं अटकलों पर विराम लगाते हुए राजनांदगांव सीट से खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह चुनावी समर में उतर रहे हैं।
भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के चयन में संतुलन बनाने की कोशिशें की है। इनमें 14 महिलाओं के साथ करीब 15 युवा चेहरों को मौका दिया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के कद्दावर नेता रहे दिलीप सिंह जूदेव के बेटे की टिकट भी काट दी गई है। वहीं उनके स्थान पर जूदेव की बहू को मैदान में उतारा गया है। इसे लेकर भी कई तरह के समीकरणों पर चर्चा हो रही है। भाजपा के टिकट ऐलान के बाद अब कांग्रेस में शेष सीटों में घोषणा का दबाव बन गया है। वहीं कांग्रेस भी अब रविवार को ही प्रत्याशी घोषित करने पर जोर दे रही है। पहले चरण के चुनाव के लिए अब दो दिन का ही समय बाकी है। ऐसे में प्रत्याशियों को कड़ी मशक्कतें करनी पड़ सकती है।


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