दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्षत्रिय करणी सेना को दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली। बता दें कि संगठन के अध्यक्ष राज शेखावत ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में 6 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी थी। वही अनुमति न मिलने के विरोध के चलते दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी आज दिल्ली हाईकोर्ट से भी झटका लगा है।
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन की तारीख बदलें, तारीख में ऐसा क्या खास है। साथ ही हाईकोर्ट ने करणी सेना से कहा कि अगर पुलिस किसी तारीख पर अनुमति नहीं दे रही है तो दूसरी तारीख को प्रदर्शन करें। बता दें कि ब्रिक्स समिट में सुरक्षा के चलते दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है साथ ही इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस का पक्ष सुने बिना प्रदर्शन की अनुमति देने का आदेश नहीं दिया जा सकता। दूसरी और अदालत ने प्रदर्शन की तारीख बदलने का सुझाव भी दिया।
एक सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को करणी सेना के आवेदन पर एक सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने संगठन को 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की अनुमति के लिए नया आवेदन देने को कहा और पुलिस को इस आवेदन पर 14 सितंबर तक निर्णय बताने का निर्देश दिया गया था।
करणी सेना का प्रदर्शन
करणी सेना की ओर से 6 सितंबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन और जंतर-मंतर की ओर कूच करने की चेतावनी दी गई है। वहीं बताया जा रहा है की प्रदर्शन का मुख्य कारण यूजीसी के नए नियम हैं ।साथ ही प्रदर्शनकारी ‘यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026’ के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं। वही करणी सेना और सवर्ण समाज की मांग है कि सरकार इन नए नियमों को पूरी तरह से वापस लिया जाये।


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