नई दिल्ली : केन्द्र की भाजपा सरकार पर अक्सर हमलावर रहने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ को लेकर नये सिरे से केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने इस योजना का विरोध तो किया है लेकिन इसके विरोध में ज्यादा शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।
केजरीवाल ने योजना के विरोध में ट्वीट कर कुछ ही शब्द कहे पर इस ट्वीट के साथ ऑल इंडिया इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में डॉक्टरों के फ्रंट फॉर सोशल कॉन्शियसनेस’ द्वारा मार्च में आयोजित इस कार्यक्रम का हवाला दिया, जिसमें शिक्षाविदों और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने एक चर्चा के दौरान आयुष्मान भारत योजना को केन्द्र सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में असफलता को ढकने का एक माध्यम बताया था।
केजरीवाल ने इस कार्यक्रम से संबंधित खबर को ट्वीट करते हुए कहा कि कृपया, इसे भी पढ़े। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार अपने यहां आयुष्मान भारत योजना लागू करने से इंकार कर चुकी है। सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का कहना था कि हम केन्द्र सरकार की तरह पिक एंड चूज का काम नहीं करते। यदि दिल्ली में आयुष्मान योजना को लागू कर दिया गया तो केवल 10 लाख लोगों को ही इसका फायदा मिलेगा।
इसलिए दिल्ली सरकार ऐसा कदम नहीं उठा सकती। हम राजधानी वासियों के लिए जल्द ही ऐसी स्कीम लेकर आयेंगे जिसके तहत सौ फीसदी लोगों का इलाज किया जाएगा। इसके अलावा भी इस योजना पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के बीच पत्राचार एवं ट्विटर वार हो चुका है जिसमें दोनों ने अपने-अपने तर्क दिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने तो आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू नहीं होने पर केजरीवाल के झूठे दावों की पोल तक खोलने की चेतावनी तक दे डाली है। गोयल ने कहा कि अरविंद जी का मानना है कि दिल्ली की जनता को आयुष्मान भारत से कोई फायदा नहीं होगा। बेहतर होता अगर वह पहले अपने अस्पतालों और मोहल्ला क्लिनिक की हालत देख लेते।


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