ग्रैप में बड़ा बदलाव: डीजल जनरेटर और पुरानी बसों पर कार्रवाई अब स्टेज-1 में

Summary :

Big change In Grape : वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के मौजूदा प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 28 सितंबर को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक में संशोधित GRAP शेड्यूल को मंजूरी दी गई। अब इसमें कुल 48 कार्रवाई शामिल होंगी। GRAP के स्टेज-1 में बढ़ी सख्ती, डीजल जनरेटर और बसों पर भी कार्रवाई संशोधित व्यवस्था में धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन और परिवहन से जुड़े दोहराए गए प्रावधानों को स्टेज-1 में समाहित किया गया है। वहीं, डीजल…

Big change In Grape : वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के मौजूदा प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 28 सितंबर को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक में संशोधित GRAP शेड्यूल को मंजूरी दी गई। अब इसमें कुल 48 कार्रवाई शामिल होंगी।

GRAP के स्टेज-1 में बढ़ी सख्ती, डीजल जनरेटर और बसों पर भी कार्रवाई

संशोधित व्यवस्था में धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन और परिवहन से जुड़े दोहराए गए प्रावधानों को स्टेज-1 में समाहित किया गया है। वहीं, डीजल जनरेटर सेट और एनसीआर व आसपास के राज्यों से BS-IV व उससे कम मानक वाली बसों के प्रवेश से संबंधित कार्रवाई को स्टेज-2 से हटाकर स्टेज-1 में शामिल किया गया है। स्टेज-3 में मामूली राहत देते हुए गड्ढों की मरम्मत जैसे कार्यों की अनुमति का प्रावधान किया गया है।

सोनपत भी वाहन प्रतिबंध के दायरे में, मालवाहक वाहनों को मिली छूट खत्म

CAQM ने BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल या इससे कम मानक वाले हल्के वाहनों पर प्रतिबंध का दायरा बढ़ाते हुए सोनपत को भी इसमें शामिल किया है। पहले यह प्रतिबंध गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में लागू था। स्टेज-3 और स्टेज-4 में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले BS-IV और उससे कम मानक वाले कुछ मालवाहक वाहनों को मिली छूट भी हटा दी गई है। संशोधित शेड्यूल में स्टेज-3 के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत डीजल चालित BS-IV और उससे कम मानक वाले LGV तथा MGV के दिल्ली प्रवेश पर प्रतिबंध को भी स्पष्ट किया गया है।

नागरिक चार्टर में नए नियम, निर्माण स्थलों की धूल निगरानी का दायरा बढ़ा

नागरिक चार्टर में भी नए ‘क्या करें और क्या न करें’ जोड़े गए हैं। अब स्टेज-1 में 25, स्टेज-2 में 8, स्टेज-3 में 10 और स्टेज-4 में 5 कार्रवाई होंगी। आयोग ने निर्माण एवं विध्वंस स्थलों की धूल निगरानी के लिए वेब-पोर्टल आधारित व्यवस्था का दायरा नगर निगम सीमाओं से बाहर के पात्र प्रोजेक्टों तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी। 500 वर्गमीटर या अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट की मौजूदा शर्त बरकरार रहेगी।

इसके अलावा, 17 सितंबर तक 1,831 प्रदूषणकारी इकाइयों को बंदी आदेश दिए गए, जिनमें 1,479 को अनुपालन के बाद दोबारा संचालन की अनुमति दी गई। वहीं, 2026-27 के लिए NCR में 4.60 करोड़ से अधिक पौधरोपण के लक्ष्य के मुकाबले 22 सितंबर तक 4.13 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

Sumant Chaudhary