भारत सरकार द्वारा ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत ईरान में फंसे 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकाला गया। इन छात्रों को भारतीय दूतावास की निगरानी में आर्मेनिया के येरेवान पहुंचाया गया और वहां से विशेष विमान द्वारा भारत रवाना किया गया। यह ऑपरेशन का पहला चरण है जिसमें ईरान और आर्मेनिया की सरकारों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष और क्षेत्रीय हालात के बिगड़ने के मद्देनजर भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की है। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत 17 जून को ईरान के उत्तरी हिस्से में फंसे 110 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकाला गया। इन छात्रों को भारतीय दूतावास की निगरानी में सड़क मार्ग से ईरान से आर्मेनिया की राजधानी येरेवान पहुंचाया गया। वहां से सभी छात्र बुधवार को दोपहर 2:55 बजे विशेष विमान द्वारा भारत रवाना हुए और इनके 19 जून की तड़के नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। यह ऑपरेशन सिंधु का पहला चरण है।
भारत सरकार ने इस पूरे अभियान में सहयोग के लिए ईरान और आर्मेनिया की सरकारों का विशेष आभार जताया है, जिन्होंने निकासी प्रक्रिया को सहज और सुरक्षित बनाने में भरपूर सहायता की। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ईरान में स्थिति बिगड़ने के कारण भारतीय दूतावास लगातार भारतीय नागरिकों को संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित इलाकों में स्थानांतरित करने में जुटा हुआ है। निकासी की प्रक्रिया उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षित विकल्पों के आधार पर चरणबद्ध रूप से की जा रही है।
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इसके साथ ही, भारत सरकार ने आपातकालीन संपर्क नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी किए हैं, जहां से लोग मदद ले सकते हैं। ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारतीय दूतावास, तेहरान से नियमित संपर्क में रहें, आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से खुद को अपडेट रखें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता अवश्य प्राप्त करें।


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