नयी दिल्ली : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली अलग थलग होकर नहीं रह सकती है और उसका दुनियाभर से संवाद आवश्यक है। यहां एक कार्यकम में मुखर्जी ने वैश्विक स्तर परशिक्षा के लिए मानक गुणवत्ता पूर्ण प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ हम वैश्विकृत दुनिया में जी रहे है। हम अलग- थलग होकर नहीं रह सकते, हमें पूरे विश्व के साथ संवाद कायम करने के लिए खुद को तैयार करना होगा।’’
मुखर्जी ने भारत की पहली राष्ट्रव्यापी उच्च शिक्षा प्रणाली क्यूएस1- गॉज लांच की। यह विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए है। इसमें ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने डायमंड रेटिंग प्राप्त की।
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