बिना अदालती आदेश के ही कैदी रिहा

Summary :

दिल्ली सरकार को सूचित किया गया और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने इस मामले में तिहाड़ जेल के उप-अधीक्षक को नौकरी से निकालने का फरमान जारी कर दिया।

नई दिल्ली : तिहाड़ जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कैदी को बिना अदालत के आदेश के ही रिहा कर दिया गया। मामला आला अधिकारियों के कान तक पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार को सूचित किया गया और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने इस मामले में तिहाड़ जेल के उप-अधीक्षक को नौकरी से निकालने का फरमान जारी कर दिया। जांच के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारियों के ऊपर गैर-कानूनी तरीके से कैदियों की बाहरी लोगों से मुलाकात कराने का भी खुलासा हुआ है।

दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव विजय कुमार देव ने जेल उप-अधीक्षक जगदीश सिंह को नौकरी से निकालने के आदेश दिए हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि जगदीश सिंह के खिलाफ की गई विभागीय जांच में यह पाया गया कि जगदीश सिंह ने अदालत के उचित आदेश के बिना ही एक कैदी को जेल से रिहा कर दिया, तो वहीं जांच में यह भी सामने आया कि जगदीश सिंह ने कैदियों की गैरकानूनी तरीके से बाहरी लोगों से मुलाकात भी करवाई थी।

विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर जगदीश सिंह को नौकरी से निकालने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई है। बता दें कि सरकार की सक्रियता के कारण पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी कार्रवाई है, जिसमें भ्रष्टाचार के लिए जीरो टोलरेंस का संदेश दिया गया है। कुछ समय पहले ही एक अन्य मामले में स्वास्थ्य विभाग के स्टोर परचेज सुपरवाइजर कृष्ण माहली को भी मुख्य सचिव ने नौकरी से निकालने के आदेश दिए हैं, जिनके खिलाफ विभागीय जांच में सरकारी धन के गबन और अनियमितता का दोषी पाया गया था। कृष्ण को अस्पतालों के स्टोर के लिए करीब 47 लाख रुपए की अनियमितता का दोषी पाया गया था, जिसके बाद उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई थी।

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