PM Shri Navodaya Vidyalaya : द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में राव तुलाराम स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय यानी पीएम श्री विद्यालय के कैंपस में शिक्षिका के घर बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। चोर घर से करीब 1.6 किलो सोना, 8 किलो चांदी और 85 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि वारदात विद्यालय परिसर में बने आवास में हुई। घटना के समय शिक्षिका घर पर मौजूद नहीं थीं और फरीदाबाद में अपनी बहन के यहां गई हुई थीं। सूचना मिलने के बाद संबंधित टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
शिकायतकर्ता शिक्षिका के मुताबिक, वह 9 अक्टूबर को छुट्टी लेकर फरीदाबाद स्थित अपनी बहन के घर गई थीं। इसके बाद 11 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे विद्यालय की ओर से उनके पास फोन आया। उन्हें बताया गया कि उनके घर में चोरी हो गई है। सूचना मिलते ही वह फरीदाबाद से दिल्ली स्थित अपने आवास पहुंचीं। घर के भीतर दाखिल होने पर उन्होंने देखा कि सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था। अलमारियों और घर में रखे सामान की जांच करने पर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिली।
शिक्षिका ने बताया कि चोरी हुए आभूषणों में उनकी जीवनभर की कमाई शामिल थी। इनमें उनके बेटे और बहू को उपहार में मिले सोने के गहने भी थे। वारदात के बाद परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। शिक्षिका के मुताबिक, चोरी हुए आभूषणों में से करीब 90 प्रतिशत के दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। इन दस्तावेजों से चोरी गए आभूषणों की पहचान और उनकी कीमत का आकलन करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि घर से कीमती सामान के अलावा जरूरी कागजात भी चोरी हुए हो सकते हैं।
कैंपस में चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विद्यालय परिसर में शिक्षिका के आवास को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच का अहम पहलू यह है कि चोर विद्यालय परिसर में कैसे दाखिल हुए और उन्हें घर में रखे कीमती सामान की जानकारी कैसे मिली। वारदात को अंजाम देने के लिए चोरों ने किस रास्ते का इस्तेमाल किया और वे कितनी देर तक घर के भीतर रहे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
विजिलेंस टीम ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद विजिलेंस टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। टीम घर की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वारदात से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, परिसर में आने-जाने वालों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच के लिहाज से अहम हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी में कितने लोग शामिल थे और वारदात को किस समय अंजाम दिया गया। फिलहाल, चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत, वारदात के तरीके और आरोपियों की पहचान को लेकर जांच जारी है। शिक्षिका के लिए यह घटना इसलिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि चोरी हुए गहनों में उनकी वर्षों की बचत के साथ परिवार को मिले कीमती उपहार भी शामिल हैं।


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