जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले वर्ष हुई हिंसा की घटना के एक वर्ष पूरे होने पर कई छात्रों ने मंगलवार को यहां कैंडल मार्च निकाला जिसमें पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की मां और बहनें भी शामिल हुईं। अधिकारियों ने बताया कि मार्च निकाल रहे छात्रों को पुलिस ने रोका। छात्रों ने दावा किया कि उमर खालिद की मां और बहनों समेत 14 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, हालांकि पुलिस ने इस दावे को खारिज किया।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) आरपी मीणा ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारी कैंडल मार्च निकालने के लिए बटला हाउस पर एकत्रित हुए, पुलिस दल ने उन्हें वहां से हटाया और कोविड-19 दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उनसे अपने-अपने घर जाने का अनुरोध किया। किसी को भी पुलिस थाने नहीं ले जाया गया।’’ गौरतलब है कि पिछले वर्ष 15 दिसंबर को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी।


Download Android App
Download iOS App



