तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को सात दिंसबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले झटका लगा है। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। तेलंगाना राज्य सड़क विकास निगम (टीएसआरडीसी) के अध्यक्ष टी.नरसा रेड्डी और तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य एस.रामुलू नाइक नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए।
टीआरएस ने शुक्रवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए नरसा रेड्डी को पार्टी से निलंबित कर दिया था। टीआरएस के संस्थापक सदस्यों में से एक रामुलू नाइक को भी इसी आधार पर पिछले सप्ताह पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। टीआरएस नेता और राज्यसभा सदस्य डी. श्रीनिवास ने भी दिन में राहुल गांधी से मुलाकात की थी और पार्टी में वापसी को लेकर अपनी इच्छा जताई थी।
श्रीनिवास 1969 से कांग्रेस में थे लेकिन वह 2015 में टीआरएस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस महासचिव और तेलंगाना में पार्टी मामलों के प्रभारी आर.सी. खुंतिया ने संवाददाताओं को बताया कि नरसा रेड्डी और रामुलू नाइक पार्टी में शामिल हुए हैं, जिससे पार्टी को और मजबूती मिलेगी। नरसा रेड्डी और रामुलू नाइक दोनों ने ही आरोप लगाया है कि टीआरएस में नेताओं के लिए कोई सम्मान नहीं है क्योंकि के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से उनका मिलना बहुत ही मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरएस सरकार ने केवल केसीआर के परिवार को ही फायदा पहुंचाया है।


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