Chaiti Chhath 2026 Dates: आज से शुरू हो रहा है चैती छठ, यहां देखें चार दिनों का पूरा शेड्यूल

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Chaiti Chhath 2026 Dates: छठ का त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। यह साल में दो बार मनाया जाता है- एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बार चैत्र महीने में। चैत्र में मनाए जाने वाले छठ को ‘चैती छठ’ कहते हैं। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। चैती छठ का व्रत सेहत और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। यह चार दिनों का कठिन निर्जला व्रत होता है जिसमें लोग पानी भी नहीं पीते। इसमें सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और…

Chaiti Chhath 2026 Dates: छठ का त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। यह साल में दो बार मनाया जाता है- एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बार चैत्र महीने में। चैत्र में मनाए जाने वाले छठ को ‘चैती छठ’ कहते हैं। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।

चैती छठ का व्रत सेहत और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। यह चार दिनों का कठिन निर्जला व्रत होता है जिसमें लोग पानी भी नहीं पीते। इसमें सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और व्रत रखने वाले लोग 36 घंटे तक बिना पानी पिए (निर्जला) व्रत रखते हैं। यह पर्व ‘नहाय-खाय’ से शुरू होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होता है। आइए जानें चैती छठ 2026 का पूरा शेड्यूल।

Chaiti Chhath 2026 Dates: चैती छठ 2026 का कैलेंडर

Chaiti Chhath 2026 Dates
Chaiti Chhath 2026 Dates (Source:Social Media)
साल 2026 में चैती छठ 22 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा।
  • प्रथम दिन (नहाय-खाय – 22 मार्च): नहाय-खाय से चैती छठ की शुरुआत होती है। पवित्र नदियों में स्नान के के बाद व्रती सात्विक भोजन के रूप में कद्दू-भात ग्रहण करते हैं, जिससे वे व्रत के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
  • द्वितीय दिन (खरना – 23 मार्च): इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को गुड़ की खीर और रोटी का भोग लगाकर इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जिसके बाद से 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत की शुरुआत हो जाती है।
  • तृतीय दिन (संध्या अर्घ्य – 24 मार्च): महापर्व के इस महत्वपूर्ण दिन व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं, जिसे ‘संध्या अर्घ्य’ कहा जाता है।
  • चतुर्थ दिन (उषा अर्घ्य – 25 मार्च): छठ पूजा का समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। इस अंतिम अर्घ्य के बाद श्रद्धालु अपना व्रत पूर्ण करते हैं।

Chaiti Chhath Vrat Niyam: व्रत के जरूरी नियम

छठ के दौरान साफ-सफाई और पवित्रता का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है। घर में सिर्फ सादा और शुद्ध खाना बनता है। पूजा में बांस की टोकरी (सूप-दौरा) और ठेकुआ जैसे पारंपरिक प्रसाद का इस्तेमाल होता है। व्रती लोग 36 घंटे तक पानी की एक बूंद भी नहीं पीते।

Importance of Chaiti Chhath: छठ पूजा क्यों खास है?

माना जाता है कि छठ का व्रत करने से परिवार में सुख, शांति और अच्छी सेहत आती है और बच्चों की उम्र लंबी होती है। यह पर्व हमें प्रकृति और सूरज की अहमियत समझाता है। चैती छठ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और अनुशासन का प्रतीक है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।