Hanuman and Sita Sindoor Story: हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथी को हनुमान जयंती मनाई जाती है। साल 2026 में यह त्योहार 2 अप्रैल को है। हनुमान जी को इस युग का जाग्रत देवता माना जाता है। कहते हैं कि उनकी पूजा करने से शनि और मंगल ग्रह के दोष दूर होते हैं।
लेकिन हनुमान जी की पूजा तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक उन्हें तुलसी और सिंदूर न चढ़ाया जाए। कहते हैं कि सिंदूर चढ़ाने से न केवल हनुमान जी, बल्कि भगवान श्री राम का आशीर्वाद भी मिलता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की क्या कहानी है।
Hanuman and Sita Sindoor Story: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की पौराणिक कथा
एक बार माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थीं। पास ही खड़े हनुमान जी उन्हें बड़े गौर से देख रहे थे। उन्होंने उत्सुकता में माता सीता से पूछा कि वे अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगा रही हैं? माता ने मुस्कुराते हुए कहा कि सिंदूर लगाने से उनके पति (भगवान राम) की उम्र लंबी होती है और वे हमेशा सुरक्षित रहते हैं।
जब हनुमान जी को पता चला कि सिंदूर लगाने से प्रभु राम की आयु बढ़ती है, तो उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर मल लिया। उनका सोचना था कि अगर थोड़े से सिंदूर से उम्र बढ़ती है, तो पूरे शरीर पर लगाने से उनके प्रभु हमेशा के लिए अमर और सुरक्षित हो जाएंगे।
Why Hanuman Ji Wear Sindoor: भगवान राम का आशीर्वाद

जब भगवान राम ने हनुमान जी को पूरे शरीर पर सिंदूर लगाए हुए देखा, तो उन्होंने इसका कारण पूछा। हनुमान जी ने बड़ी ही सादगी से जवाब दिया कि उन्होंने यह सब अपने प्रभु की लंबी उम्र के लिए किया है। हनुमान जी की इस निश्छल भक्ति और भोलेपन को देखकर श्री राम बहुत खुश हुए। उन्होंने आशीर्वाद दिया कि जो भी भक्त हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएगा, उसकी हर इच्छा पूरी होगी और उसे श्री राम की कृपा भी मिलेगी। तभी से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि ऐसा करने से बजरंगबली अपने भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं।


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