हिंदू धर्म में हर महीने कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादशी का बहुत ज्यादा महत्व होता है, क्योंकि इस एकादशी में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की पूजा को बेहद शुभ माना गया है। भगवान विष्णु का अंश कही जाने वाली परम एकादशी का महत्व तब और ज्यादा बढ़ जाता है, जब यह अधिकमास या फिर पुरुषोत्तम मास में पड़ती है, जो श्री हरि को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पुरुषोत्तम मास या फिर अधिक मास की आखिरी एकादशी यानि परम एकादशी का व्रत आज यानी 11 जून को रखा गया है। आइए जानते हैं कि भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए इस एकादशी के दिन क्या करें और क्या ना करें।
Parama Ekadashi ke Din Kya Kare: परम एकादशी पर क्या करें

- परम एकादशी व्रत के दिन सुबह स्नान करके के बाद पीले रंग के धुले हुए साफ़ कपड़े पहनें।
- इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को पीले कपड़े, पीले फल, पीले अनाज, पीले रंग की मिठाई, आदि का दान जरूर करना चाहिए।
- एकादशी के दिन खाली समय में तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र का जप जरूर करें।
- परम एकादशी का फल पाने के लिए व्यक्ति को श्री हरि के मंत्रों का जप और उनका कीर्तन करना चाहिए।
- इस दिन व्यक्ति को सात्विक चीजों का ही सेवन करना चाहिए।
- इस व्रत वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में किसी भी चीज का भोग लगाते समय विष्णुप्रिया कहलाने वाली तुलसी की पत्तियां जरूर चढ़ाएं।
- ये व्रत तब तक अधूरा रहता है, जब तक आप इसका शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पारण नहीं करते हैं।
Kya na Kare: परम एकादशी पर क्या ना करें

- परम एकादशी व्रत के दिन व्यक्ति को अपवित्र हालत में नहीं रहना चाहिए।
- इस दिन व्यक्ति को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
- परम एकादशी व्रत वाले दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए।
- परम एकादशी व्रत वाले दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- इस दिन किसी दूसरे व्यक्ति के हांथों का दिया हुआ अन्न आदि नहीं खाना चाहिए।
- परम एकादशी के दिन भूलकर भी सोना नहीं चाहिए।
- हिंदू मान्यता के अनुसार, इस दिन व्यक्ति को अपने बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं कटवाना चाहिए।
Parama Ekadashi 2026 ka Mahatva: परमा एकादशी का महत्व

परमा एकादशी को सभी एकादशियों से ज्यादा फल देने वाली माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति इस व्रत को करता है, उसके जीवन से दरिद्रता दूर हो जाती है और पैसो से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही जिस भी व्यक्ति को संतान चाहिए उसे इसकी प्राप्ति होती है और व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है, क्योंकि इसे करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति और भगवान विष्णु के दर्शन का फल मिलता है। अगर कोई इंसान अपनी मनोकामना पूरी करना चाहता है, तो उसे इस दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।


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