पौष अमावस्या के दिन सिर्फ एक दीपक दूर होंगे पितृ दोष! जाने 4 महाशक्तिशाली उपाय

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Paush Amavasya Kab Hai 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसे ‘छोटा पितृ पक्ष’ भी कहा जाता है क्योंकि यह दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए स्नान, दान और तर्पण का पुण्य फल सात जन्मों तक मिलता है। माना जाता है कि अमावस्या पर हमारे पूर्वज पृथ्वी लोक पर आते हैं। यदि इस दिन विधि-विधान से श्राद्ध कर्म किया जाए, तो वे प्रसन्न होकर परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का…

Paush Amavasya Kab Hai 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसे ‘छोटा पितृ पक्ष’ भी कहा जाता है क्योंकि यह दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए स्नान, दान और तर्पण का पुण्य फल सात जन्मों तक मिलता है। माना जाता है कि अमावस्या पर हमारे पूर्वज पृथ्वी लोक पर आते हैं। यदि इस दिन विधि-विधान से श्राद्ध कर्म किया जाए, तो वे प्रसन्न होकर परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का वरदान देते हैं।

Paush Amavasya Kab Hai 2025: पौष अमावस्य की तिथि और शुभ मुहूर्त

Paush Amavasya Kab Hai 2025
Paush Amavasya Kab Hai 2025

पंचांग के अनुसार, इस साल अमावस्या तिथि की शुरुआत और समाप्ति का समय नीचे दिया गया है:

  • तिथि प्रारंभ: 19 दिसंबर, शुक्रवार (सुबह 04:59 बजे से)
  • तिथि समाप्त: 20 दिसंबर, शनिवार (सुबह 06:13 बजे तक)
उदया तिथि के अनुसार, स्नान-दान और तर्पण से जुड़े सभी धार्मिक कार्य 19 दिसंबर को ही किए जाएंगे।

Paush Amavasya ke Niyam: पितृ तर्पण की सरल विधि

Paush Amavasya Kab Hai 2025
Paush Amavasya Kab Hai 2025 (Photo: Social Media)
  • ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी या सरोवर में स्नान करें। संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण कर पितरों का ध्यान करें।
  • आटे या चावल के पिंड बनाकर गाय और कौओं को खिलाएं।
  • पितृ दोष की शांति के लिए घर की दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं।
  • घर में बना सादा भोजन पितरों को याद करते हुए निकालें और उसे किसी गरीब को खिलाएं।

Paush Amavasya ke Upay: सौभाग्य के लिए विशेष उपाय

Paush Amavasya Kab Hai 2025
Paush Amavasya 2025 (Photo: Social Media)

1. दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं

शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे पितरों की आत्मा को तृप्ति मिलती है और उनका संरक्षण परिवार को प्राप्त होता है।

2. पीपल पेड़ के नीचे दीप जलाएं

शाम के समय पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पेड़ की तीन बार परिक्रमा करें। यह उपाय जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने में सहायक है।

3. तिल का दान करें

पौष अमावस्या पर काले तिल का दान महादान माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अनाज या तिल का दान करने से पितर तृप्त होते हैं और कुंडली के दोष शांत होते हैं।

4. ब्राह्मण भोज कराएं

पितरों के नाम से ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराएं, इससे घर में बरकत बनी रहती है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।