आज ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व है, सुहागिन महिलाएं आज वट पूर्णिमा व्रत रख रही हैं। यह त्योहार मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बहुत ज्यादा मनाया जाता है। हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत को बहुत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। शादीशुदा महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र, घर की सुख-शांति और खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए रखती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव जी का वास होता है। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करके हमेशा सुहागन रहने का आशीर्वाद मांगती हैं।
माना जाता है कि, आज पूरे विधि विधान से पूजा और व्रत करने से शादीशुदा जीवन में आ रहीं परेशानियां दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन सफल बनता है। अगर आप भी आज वट पूर्णिमा का व्रत कर रही है, तो इस व्रत के नियम जरूर जा लें। यहां पर वट पूर्णिमा व्रत की संपूर्ण पूजा विधि और व्रत पारण के नियम (Vat Purnima Vrat Paaran Niyam) बताए गए हैं।
Vat Purnima Vrat Puja Vidhi: वट पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि

- वट पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद लाल या पीले कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
- विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करें।
- फिर बांस की टोकरी में सात प्रकार के अनाज, फल, फूल, रोली, कुमकुम, कच्चा सूत, दीपक, साड़ी और श्रृंगार की सामग्री रखें।
- इसके बाद वट पेड़ के पास जाकर घी का दीपक जलाएं, फिर पेड़ की परिक्रमा करें और कच्चा सूत लपेटें।
- इसके बाद वट वृक्ष पर कुमकुम-हल्दी का तिलक लगाकर, चने और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएं।
- इस पूजा के दौरान सावित्री-सत्यवान की कथा जरूर सुनें।
- अंत में आरती कर पति की दीर्घायु और पारिवारिक सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- आप व्रत के नियमों के अनुसार इस दिन मौसमी फल, दूध-दही, मेवे और साबूदाने से बनी चीजें खा सकती हैं। इस व्रत में अन्न और साधारण नमक का सेवन वर्जित माना जाता है।
Vat Purnima Vrat Paaran Niyam: व्रत पारण कैसे करें?

- वट पूर्णिमा व्रत अगले दिन यानी मंगलवार, 30 जून को पूर्णिमा तिथि खत्म होने के बाद खोला जाएगा।
- व्रत खोलने वाले दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- बरगद के पेड़ में रहने वाले भगवान शिव और भगवान विष्णु को याद करें और व्रत अच्छे से पूरा होने के लिए उन्हें धन्यवाद कहें।
- व्रत खोलने से पहले अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार दान करें। अनाज, कपड़े या फल दान करना बहुत अच्छा माना जाता है।
- 30 जून 2026 को सुबह 5:26 बजे पूर्णिमा खत्म हो रही है, जिसके बाद आप अपना व्रत खोल सकते हैं।
- व्रत हमेशा शुद्ध और सात्विक भोजन से ही खोलें।
- आप खीर, भीगे चने, कोई शुद्ध मिठाई या फल खाकर अपना व्रत खोल सकती हैं।
- इसके बाद रोज की तरह अनाज वाला खाना खाकर व्रत पूरा किया जाता है।
- इस खाने में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


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