Vishnu Bhagwan Ki Aarti Lyrics in Hindi: हिंदू धर्म में चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली पापमोचनी एकादशी का दिन का खास महत्व होता है। इस वर्ष यह एकादशी आज, 15 मार्च 2026 को मनाई जा रही है। यह दिन भगवान विष्णु की विशेष आराधना के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।
इस खास दिन भक्त व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। पूजा पूरी होने पर एकादशी माता और भगवान विष्णु की आरती करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। यहां पर Vishnu Ji Ki Aarti Lyrics दी गई हैं।
Vishnu Bhagwan Ki Aarti Lyrics in Hindi: श्री विष्णु आरती

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ऊँ जय जगदीश हरे।
स्वामी दु:ख विनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ऊँ जय जगदीश हरे।
स्वामी तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ऊँ जय जगदीश हरे।तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
स्वामी तुम पालन-कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
ऊँ जय जगदीश हरे।तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ऊँ जय जगदीश हरे।
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ऊँ जय जगदीश हरे।
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
स्वमी पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
ऊँ जय जगदीश हरे।
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
ऊँ जय जगदीश हरे।


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