AAP MPs Merger with BJP : आप के पंजाब से चुने गए 7 राज्यसभा सांसदों को भारतीय जनता पार्टी में विलय की मंजूरी मिल गई है. यह आम आदमी पार्टी के लिए बहुत बड़े झटके से कम नहीं क्योंकि पार्टी इसे लेकर कानूनी रास्ता अपनाने पर विचार कर रही है.
बता दें, राज्यसभा के सभापति ने 7 सांसदों की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली है. इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब पार्टी की कुल राज्यसभा संख्या 113 हो गई है. पार्टी के इतिहास में यह पहली बार है जब 113 का आंकड़ा छुआ गया हो. अब आम आदमी पार्टी के 3 सांसद रह गए हैं.
AAP MPs Merger with BJP: राघव चड्ढा ने किया पोस्ट

इससे पहले राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, ‘भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है.
‘सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था. मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे.’
Rajya Sabha AAP merger BJP 2026: आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी

बागी सांसदों के पार्टी छोड़ने व भाजपा में विलय होने की बात सामने आने से ही राजनीति गरमा गई है. आप बागी सांसदों पर गद्दारी का आरोप लगा रही है. वहीं भाजपा पर ईडी सीबीआई का दुरूपयोग कर डरा धमका कर नेताओं को तोड़ने का आरोप लगा रही है. वहीं बागी सांसदों का आरोप है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है.
बता दें, इस मामले के बाद से पंजाब में राजनीति गरमा गई है. पार्टी के बड़े नेता भाजपा में शामिल हुए हैं. इससे आप पार्टी को राजनीतिक क्षति हुई है. हालांकि इस मामले में पार्टी कानूनी रास्ता अख्तियार करने की योजना बना रही है.
यह भी पढ़ें – हैदराबाद : राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


Download Android App
Download iOS App




