“Rahul Gandhi बन रहे हैं मजबूत नेता, लेकिन…”, Awadh Ojha ने बताई कांग्रेस की जीत की असली कुंजी!

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Awadh Ojha on Rahul Gandhi: AAP के पूर्व नेता और शिक्षा क्षेत्र के जाने माने शिक्षक अवध ओझा ने आज गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी समय के साथ एक राजनेता के तौर पर परिपक्व हुए हैं, लेकिन उन्हें एक ‘अच्छे गुरु’ की ज़रूरत है और उन्हें अपने आस-पास एक मज़बूत ‘नवरत्न’ टीम बनानी चाहिए। IANS से ​​खास बातचीत में ओझा ने कहा कि उन्हें LoP गांधी की विदेश यात्रा के मकसद के बारे में पक्का पता नहीं है, लेकिन उन्होंने माना कि समय के साथ वे एक…

Awadh Ojha on Rahul Gandhi: AAP के पूर्व नेता और शिक्षा क्षेत्र के जाने माने शिक्षक अवध ओझा ने आज गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी समय के साथ एक राजनेता के तौर पर परिपक्व हुए हैं, लेकिन उन्हें एक ‘अच्छे गुरु’ की ज़रूरत है और उन्हें अपने आस-पास एक मज़बूत ‘नवरत्न’ टीम बनानी चाहिए।

IANS से ​​खास बातचीत में ओझा ने कहा कि उन्हें LoP गांधी की विदेश यात्रा के मकसद के बारे में पक्का पता नहीं है, लेकिन उन्होंने माना कि समय के साथ वे एक राजनेता के तौर पर काफी बदले हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आगे बढ़ने के लिए उन्हें किसी मार्गदर्शक और रणनीतिक मदद की ज़रूरत होगी।

Awadh Ojha on Rahul Gandhi: राहुल के विदेश यात्रा पर क्या बोले अवध ओझा

Awadh Ojha on Rahul Gandhi
Awadh Ojha on Rahul Gandhi (Source: Social Media)

ओझा ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वे विदेश यात्रा पर क्यों जा रहे हैं, लेकिन एक राजनेता के तौर पर वे काफी बेहतर हुए हैं। उन्हें दो चीज़ों की ज़रूरत है। पहली, उन्हें एक अच्छे गुरु की ज़रूरत है जो उन्हें राजनीति की गहरी समझ विकसित करने में मदद करे। उन्हें इसकी सख्त ज़रूरत है, क्योंकि जब तक उनमें राजनीतिक समझ विकसित नहीं होगी, वे अपने फैसले खुद नहीं ले पाएंगे। मैं यह नहीं कह रहा कि उन्हें पॉलिटिकल साइंस पढ़नी चाहिए; उन्हें व्यावहारिक राजनीतिक समझ की ज़रूरत है।”

अवध ओझा ने दिया राहुल को सत्ता में वापसी का मंत्र

उन्होंने आगे कहा कि LoP गांधी को अपने आस-पास एक मज़बूत टीम बनानी चाहिए, जिसके लिए वे इतिहास के शासन मॉडलों से प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने IANS को बताया, “दूसरी बात, उन्हें ‘नवरत्न’ जैसी किसी अवधारणा की ज़रूरत है, जैसा कि चंद्रगुप्त मौर्य और अकबर के ज़माने में देखने को मिलता था।

अगर वे ऐसी कोई टीम बनाते हैं, तभी वे राजनीति में और ज़्यादा सफल हो पाएंगे। ओझा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में भी अपने विचार साझा किए और उन्हें एक “मज़बूत इरादों वाला” नेता बताया, जिनमें फैसले लेने की बेहतरीन क्षमता है। उन्होंने देश में माओवाद के कम होने के बारे में शाह की हालिया टिप्पणियों का स्वागत किया और इसे एक अहम घटनाक्रम बताया।

Awadh Ojha on Mamata Banerjee: ममता बनर्जी को लेकर भी दिया बड़ा बयान

अवध ओझा ने कहा, “लोग कहते हैं कि ममता दीदी को हराना मुश्किल है, लेकिन इस बार BJP बहुत ज़्यादा दृढ़ दिख रही है। पार्टी ने बांग्लादेश से हो रहे अवैध प्रवासन का मुद्दा भी उठाया है। मुझे लगता है कि BJP इन चुनावों को पूरी ताक़त से लड़ने के मूड में है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, “लोग बदलाव चाहते हैं। दीदी लंबे समय से सत्ता में हैं। जिस तरह उत्तर प्रदेश में लोग बदलाव की बात करते हैं, वैसी ही भावना बंगाल में भी है। ओझा, जो सिविल सेवा परीक्षाओं के जाने-माने ट्रेनर हैं, ने पिछला दिल्ली विधानसभा चुनाव AAP के टिकट पर पटपड़गंज से लड़ा था; यह वह निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व पहले मनीष सिसोदिया करते थे। चुनाव में हार के बाद, उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी और अपने विदाई संदेश में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को “बहुत महान नेता” बताया।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।