भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और ‘बिगड़ती’ कानून और व्यवस्था के विरोध में सोमवार को ‘काला दिवस’ मना रही है। पार्टी ने उत्तरी 24 परगना जिले के बसीरहाट उप संभाग में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। भाजपा ने राज्य के कई हिस्सों में रैलियां निकालीं, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांध रखी थी। बसीरहाट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच शनिवार को बसीरहाट के संदेशखली इलाके में संघर्ष हो गया था। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की हत्याओं में शामिल दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करते हुए जिला उपसंभाग में विरोध रैलियां निकालीं।

पुलिस ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उप संभाग में कई स्थानों पर सड़कों और रेलवे पटरियों पर वाहनों और गाड़ियों की आवाजाही बाधित कर दी। रविवार को भाजपा ने घोषणा की थी कि वह राज्य भर में ‘‘काला दिवस’’ मनाएगी।
साथ ही पार्टी ने पुलिस द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के शवों को कोलकाता लाने से रोक दिए जाने के बाद बसीरहाट में 12 घंटे के बंद का आह्वान भी किया था। रविवार तक, संदेशखली में झड़पों में मारे गए कम से कम तीन लोगों के शव बरामद किए गए थे, जबकि कई अन्य लापता थे। भाजपा ने दावा किया है कि उसके पांच कार्यकर्ता मारे गए थे, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया था कि उसका एक कार्यकर्ता मारा गया।
झड़प के एक दिन बाद, गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक परामर्श भेजा जिसमें राज्य में ‘‘हिंसा’’ पर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की गई तथा कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया था। केन्द्र के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया कि राज्य में स्थिति ‘नियंत्रण’ में है और उसकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है।


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