Brazil President India Visit : ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला 5 दिवसीय भारत दौरे पर आए हुए हैं। ऐसे में यह यात्रा भारत और ब्राजील के बीच के संबंध को और मजबूत करने की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। यह एक व्यापारिक दौरा है जो तकनीक और GLOBAL SOUTH की एकजुटता के लिए अहम माना जा रहा है।
Brazil President India Visit : 300 दिग्गज कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल
राष्ट्रपति लूला अपनी इस यात्रा पर अकेले नहीं आए हैं। उनके साथ ब्राजील की 300 से अधिक दिग्गज कंपनियों के मालिकों, शीर्ष अधिकारियों और 14 मंत्रियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्राजील के कार्निवल (सबसे बड़ा त्योहार) के दौरान इस विशाल प्रतिनिधिमंडल का भारत आना व्यापारिक संबंधों के प्रति ब्राजील की ‘गंभीर प्रतिबद्धता’ को दर्शाता है।
इस मौके पर राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक फोरकोर्ट में सुबह एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की अगवानी की। बता दें, साल 2025 में दोनों देशों का व्यापार $15.2 बिलियन रहा, जिसे 2030 तक $20 बिलियन के पार ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
Brazil India Deal : प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस

राष्ट्रपति लूला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के बढ़ते कद और बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डाली। इस दौरान उन्होंने कश्मीर हमले का भी जिक्र किया।
राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने भारत आने की खुशी का इजहार करते हुए कहा, “मेरे प्यारे दोस्त मोदी, छठी बार इस देश में लौटना मेरे लिए खुशी की बात है। भारत और ब्राजील के बीच मीटिंग बहुत बढ़िया रही। ये सिर्फ ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी की ही बैठक नहीं थी। यह एक डिजिटल सुपरपावर और एक रिन्यूएबल एनर्जी सुपरपावर की मीटिंग रही। हम दोनों शांति और बहुपक्षवाद के पक्षधर हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह दिखाता है कि तालमेल और आपसी भरोसा हमें एक सूत्र में बांधता है। कुछ महीने पहले, पिछले साल जुलाई में, मुझे ब्रासीलिया में अपने दोस्त मोदी की मेजबानी करने का मौका मिला था। उनका दौरा एक मील का पत्थर साबित हुआ था। उस मौके पर, हमने रक्षा, खाद्य, ऊर्जा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से लेकर औद्योगिक साझेदारी जैसे पांच क्षेत्रों में किए गए द्विपक्षीय समझौतों को नया आयाम दिया था।”
“हम शांति का समर्थन करते हैं”

उन्होंने आगे कहा कि भारत और ब्राजील दोनों ही विविधताओं से भरे बड़े देश हैं, सांस्कृतिक उद्योग के बड़े केंद्र हैं, और हम दोनों शांति का समर्थन करते हैं।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति लूला ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ब्राजील की आवाज, खासकर बदलती जियोपॉलिटिक्स के संदर्भ में, बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा, “एक उथल-पुथल भरे ग्लोबल माहौल में हमारे देशों को अपनी स्ट्रेटेजिक बातचीत को मजबूत और गहरा करने की जरूरत है… भारत और ब्राजील यूएन में अहम आवाज हैं, और डब्ल्यूटीओ और जी20 एक ऐसा मल्टीलेटरल गवर्नेंस बनाने में पार्टनर हैं जो न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और इंटरनेशनल कानून से चलता हो।”
ब्रिक्स समिट में भारत के पीएम मोदी द्वारा की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति लूला ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और मैंने इस बारे में लंबी बात की कि हम शांति के रास्ते पर कैसे डटे रह सकते हैं। जैसा कि रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, हमारे लिए 20वीं सदी के पुराने टाइपराइटर में 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर चलाना नामुमकिन है। हम यूएन सुधार, खासकर सिक्योरिटी काउंसिल के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि ये संगठन ग्लोबल साउथ के हितों का प्रतिनिधित्व कर सके और इसके लिए ब्राजील और भारत नैचुरल कैंडिडेट हैं।”
स्थायी सदस्यता को लेकर भी हुई बात

यूएन में स्थायी सदस्यता को लेकर लूला ने कहा, “20 साल से ज्यादा समय से, ब्राजील, भारत, जापान और जर्मनी ने जी4 नाम का एक ग्रुप बनाया है, जहां हम यूएन सुरक्षा परिषद में बढ़ोतरी की बात करते हैं, जो अब तक नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही जरूर होगा क्योंकि यूएन को और ज्यादा प्रतिनिधित्व की जरूरत है। हम यूएन को दुनिया भर के ज्यादा देशों और ब्राजील और भारत को स्थायी सदस्य के तौर पर ज्यादा प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे; स्थायी और अस्थायी सदस्यों की कैटेगरी बढ़ाना इतनी सारी ग्लोबल चुनौतियों के बीच जरूरी हो जाता है।”
ग्लोबल साउथ को मजबूती
राष्ट्रपति लूला ने अपनी बातों का समापन उम्मीदों से किया। उन्होंने कहा, “भारत को लेकर ब्राजील की उम्मीदें बहुत बड़ी हैं। अगर हम साथ मिलकर काम करेंगे, तो भारत-ब्राजील के रिश्ते और मजबूत होंगे। दोनों देश मिलकर ग्लोबल साउथ को भी मजबूत करेंगे, ताकि दुनिया को दो बड़ी महाशक्तियों के बीच किसी नए शीत युद्ध जैसी स्थिति का सामना फिर कभी न करना पड़े।”
3 MOU हुए
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में हैदराबाद हाउस में लूला डा सिल्वा से मुलाकात की। दोनों सरकारों के बीच तीन एमओयू हुए हैं, जिसमें भविष्य के लिए डिजिटल पार्टनरशिप पर संयुक्त घोषणा पर एमओयू, रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में सहयोग पर एमओयू और स्टील सप्लाई चेन में माइनिंग के फील्ड में कोऑपरेशन के लिए एमओयू शामिल हैं। भारत और ब्राजील ने अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके बिन्दु कुछ इस प्रकार हैं-
क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज): भारत चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए ब्राजील से दुर्लभ मृदा (Rare Earth) खनिजों की आपूर्ति पर एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर सकता है।
रक्षा और विमानन: ब्राजीलियाई कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) और भारत के अडाणी समूह व महिंद्रा के बीच विमान निर्माण को लेकर हुए समझौतों की समीक्षा की जाएगी।
वीजा प्रणाली: भारतीयों के लिए 10 साल की ‘मल्टीपल एंट्री’ वीजा प्रणाली शुरू करने पर भी चर्चा संभव है।
भारत के राजकीय दौरे पर आए लूला का शनिवार को राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति लूला को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति लूला की यह भारत यात्रा बहुत अहम मानी जा रही है। उम्मीद जगाई जा रही है कि इससे ना सिर्फ दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे बल्कि व्यापारिक स्तर पर भी साथ मिल कर कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।


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